नेपाल में भारतीयों के प्रवेश पर नया नियम लागू, बिना ID के एंट्री बंद; बॉर्डर पर अफरा-तफरी

नेपाल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा पर भारतीय नागरिकों हेतु पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है. अररिया जिले से सटी 90 किमी लंबी सीमा पर अचानक बढ़ी इस सख्ती से आवाजाही प्रभावित हुई है. बिना आईडी कार्ड वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
नेपाल में भारतीयों के प्रवेश पर नया नियम लागू

भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराने रोटी-बेटी के संबंधों के बीच अब एक नई दीवार खड़ी हो गई है. शनिवार सुबह से भारत-नेपाल सीमा पर अचानक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. नेपाल प्रशासन के नए फरमान के मुताबिक, अब भारतीय नागरिकों के लिए नेपाल में प्रवेश करने के लिए वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा. इस आदेश के लागू होते ही जोगबनी बॉर्डर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. एसएसबी और नेपाल पुलिस हर आने-जाने वाले की गहन जांच कर रही है, जिसके कारण सीमा पर वाहनों और पैदल यात्रियों की लंबी कतारें लग गई हैं. बिना पहचान पत्र वाले लोगों को बैरिकेडिंग से ही वापस लौटाया जा रहा है, जिससे व्यापारियों, मरीजों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

भारतीय लोगों के लिए आईडी अनिवार्य

दरअसल, नेपाल प्रशासन ने अब नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया है. नए नियम लागू होते ही जोगबनी बॉर्डर पर सुबह से ही वाहनों और यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं. पहचान पत्र जांच के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि बिना वैध पहचान पत्र वाले लोगों को वापस लौटा दिया जा रहा है. बिहार के अररिया जिले की करीब 90 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल से सटी हुई है.

सीमावर्ती क्षेत्रों में वर्षों से दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का संबंध रहा है. हर दिन हजारों की संख्या में भारतीय नागरिक नेपाल आते-जाते हैं और बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भी भारत पहुंचते हैं. लेकिन नेपाल प्रशासन की नई सख्ती के बाद आम लोगों, व्यापारियों, मरीजों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले सीमा पार आवाजाही सामान्य रूप से होती थी, लेकिन अब हर व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है.

भारत-नेपाल बॉर्डर पर अफरा-तफरी की स्थिति

इससे बॉर्डर पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई. कई लोग जरूरी काम से नेपाल जा रहे थे, लेकिन पहचान पत्र नहीं होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा. नेपाल प्रशासन सीमा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है. अवैध घुसपैठ, संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा कारणों को देखते हुए जांच अभियान तेज किया गया है. नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रख रही हैं. बॉर्डर पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की गई है. 

Advertisement

बताया जा रहा है कि नेपाल में हाल के दिनों में प्रशासनिक स्तर पर लगातार नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं. बालेन्द्र शाह के प्रभाव बढ़ने के बाद नेपाल सरकार कई मामलों में सख्त रवैया अपनाती दिख रही है, जिसका असर अब भारत-नेपाल सीमा पर भी दिखाई देने लगा है. हालांकि नेपाल प्रशासन ने इसे नियमित सुरक्षा जांच बताते हुए कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन का कहना है कि सीमा की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है. इसके बावजूद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी और व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.

यह भी पढे़ं-

भारत में नेपाल की गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल देना बंद, बॉर्डर के पास पेट्रोल पंप को लेकर प्रशासन का फैसला

Advertisement

यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे से भी बड़े एक्सप्रेसवे का ऐलान, UP के 22 जिलों से गुजरते हुए बिहार और नेपाल बॉर्डर तक तेज रफ्तार सफर

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | PM Modi के काफिले में बड़ी कटौती! विपक्ष को लगी मिर्ची? | Mic On Hai