- वैशाली जिले के बरोपुर गांव में एक मां द्वारा बेटे को थप्पड़ मारना विवाद का कारण बना और उसकी मौत हो गई.
- पति राकेश कुमार ने पत्नी अन्नू को बेरहमी से पीटकर गला दबाकर हत्या कर दी, जिसके बाद वह फरार हो गया.
- मृतका के परिवार का कहना है कि यह हत्या दहेज की मांग पूरी न करने के कारण हुई न कि मामूली विवाद से.
बिहार के वैशाली जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. सदर थाना क्षेत्र के बरोपुर गांव में एक मां को अपने ही बेटे को डांटना और थप्पड़ मारना इतना भारी पड़ गया कि उसकी जान चली गई. मामूली विवाद ने ऐसा रूप लिया कि पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. आरोप है कि राकेश कुमार नामक व्यक्ति ने अपनी 27 वर्षीय पत्नी अन्नू की बेरहमी से पिटाई की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी.
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम के साथ गहरा आक्रोश फैल गया है. बताया जाता है कि घर में किसी बात पर अन्नू ने अपने बेटे को थप्पड़ मार दिया था, जिससे उसका पति आग बबूला हो गया. हालांकि, परिजनों का कहना है कि बेटे को थप्पड़ मारना तो सिर्फ एक बहाना था. इस वारदात के पीछे दहेज का काला सच छिपा है. मृतका को कई दिनों से दहेज में बोलेरो गाड़ी न मिलने पर प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी बहाने उसे मौत के घाट उतार दिया गया.
घटना के बाद आरोपी पति राकेश कुमार अपने पूरे परिवार सहित फरार हो गया है. मृतका के पिता सुबोध कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है. उनका साफ आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या एक थप्पड़ के विवाद में नहीं हुई, बल्कि यह दहेज की मांग का नतीजा है. उन्होंने कहा कि ससुराल पक्ष लंबे समय से चार चक्का बोलेरो गाड़ी की मांग कर रहा था. आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह यह मांग पूरी नहीं कर सके, इसी वजह से उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया गया और अंततः उसकी जान ले ली गई. अब उनका नाती भी लापता है, क्योंकि पूरा ससुराल पक्ष घर छोड़कर भाग गया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर SDPO सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फॉरेंसिक टीम भी बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा रहे हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी हो रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. सरकार भले ही महिला सुरक्षा और दहेज उन्मूलन के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन वैशाली की यह घटना समाज की सोच और व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है. अब देखना यह होगा कि पुलिस कितना जल्ली दोषियों को गिरफ्तार कर न्याय दिला पाती है.
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