Bihar News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सरकार देशभर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए लगातार एक्शन ले रही है. कई जगह पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह के बाद पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने और पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाह फैलाने वाले काफी लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. अब बिहार के गोपालगंज में डीजल और पेट्रोल की कालाबाजारी और अवैध स्टॉक रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिले में पेट्रोल पंप में सिर्फ वाहनों ही में पेट्रोल-डीजल देने को कहा गया है. गैलेन या बोतल में तेल देने पर सख्त मनाही है.
डिब्बे-गैलेन में तेल के लिए लेनी होगी अनुमति
जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को वाहनों के अलावा किसी अन्य तरीके से तेल नहीं देने के सख्त निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने यह भी साफ किया कि सरकारी काम और किसानों को डिब्बे या गैलेन में तेल लेने के लिए लिखित आवेदन देना होगा. गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बुधवार को बताया कि नया नियम लागू किया गया है, अब पेट्रोल पंप पर गाड़ियों में ही तेल मिलेगा. यदि किसी सरकारी कार्य के लिए गैलन में डीजल लेना है, तो इसके लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी के यहां आवेदन देना होगा. अनुमति मिलने पर ही डीजल-पेट्रोल गैलन में मिलेगा.
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जमाखोरी किए जाने को लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों के लिए भी यह नियम लागू किया गया है. कृषि कार्य के लिए डीजल या पेट्रोल लेने के लिए किसानों को कृषि पदाधिकारी के यहां आवेदन देना होगा और बताना होगा कि किस कार्य के लिए तेल खरीद रहे हैं. जमाखोरी किए जाने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. गोपालगंज में 31 मार्च को कुल 93 पेट्रोल पंपों के पास पांच लाख 93 हजार 410 लीटर डीजल जबकि सात लाख 91 हजार 600 लीटर पेट्रोल उपलब्ध था. इस बीच, घरेलू गैस (LPG सिलेंडर) के कथित संकट से उबरने के लिए भी गोपालगंज के शहरी इलाके में घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई शुरू करने की तैयारी चल रही है.
PNG की सप्लाई के लिए नहीं हुआ टेंडर
जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकारियों और पीएनजी कंपनियों के प्रबंधकों के साथ बैठक की गई है. समीक्षा के दौरान पाया गया कि PNG योजना के तहत घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति (PNG Supply) के लिए अब तक टेंडर तक नहीं हुआ है. टेंडर निकालने, प्रोजेक्ट तैयार करने और आपूर्ति शुरू कराने में तीन से पांच साल का वक्त लग सकता है. ऐसे में शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) पीएनजी कंपनियों को घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति कराने के लिए निर्देश दिया गया. डीएम ने कहा कि तात्कालिक व्यवस्था के तहत पीएनजी कंपनियां तैयार हो जाती हैं तो एक माह में पाइप्ड नेचुरल गैस आपूर्ति के लिए एसओआर पर काम शुरू किया जा सकता है.
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