Bihar Ka Mausam: बिहार में शुक्रवार को मौसम ने ऐसा यू-टर्न लिया कि तपती गर्मी से राहत मिलने के बजाय कई परिवारों में मातम पसर गया. राज्य के कई हिस्सों में अचानक तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली का तांडव देखने को मिला. पटना में तो हवा की रफ्तार 107 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई. इस प्राकृतिक आपदा में जहां 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, वहीं गोपालगंज में गंडक नदी पार करते समय 3 किशोरियां तेज बहाव में बह गईं, जिनकी तलाश अभी भी जारी है.
कहां-कितनी मची तबाही और कितने लोगों की गई जान?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, राज्य में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कुल 7 लोगों की असामयिक मौत हो गई है. इसमें सबसे ज्यादा तबाही गया जिले में हुई, जहां 3 लोगों की जान चली गई. इसके अलावा औरंगाबाद में 2, जबकि सारण और खगड़िया में 1-1 व्यक्ति की मौत वज्रपात के कारण हुई है. गया के दुमरिया में एक किसान दिनेश यादव भैंस चराते वक्त बिजली की चपेट में आ गए, वहीं बाराचट्टी में बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ी 17 साल की मनीषा कुमारी की मौत हो गई और उसकी मां गंभीर रूप से झुलस गई. इसके अलावा, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ आए तूफान की वजह से सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए, टिन शेड उड़ गए और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई.
गोपालगंज में गंडक नदी में बड़ा हादसा, रेस्क्यू जारी
मौसम बिगड़ने के कारण एक और बड़ी त्रासदी गोपालगंज जिले के मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में हुई. यहां डुमरिया घाट के पास तंडासपुर गांव के कुछ ग्रामीण अपने मवेशियों के साथ नाव से गंडक नदी पार कर रहे थे. इसी दौरान अचानक तेज आंधी और भारी बारिश शुरू हो गई. लहरें इतनी तेज थीं कि नाव पर सवार तीन किशोरियों का संतुलन बिगड़ गया और वे नदी के उफनते पानी में बह गईं, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को मोटरबोट के साथ रेस्क्यू में लगा दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और नदी का तेज बहाव तलाश में बड़ी बाधा बन रहा है.
आज कैसा है मौसम और आने वाले दिनों में क्या राहत मिलेगी?
बिहार मौसम सेवा केंद्र (BMSK) के अनुसार, आज भी बिहार के आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और यह 28 डिग्री से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा. मौसम विभाग (IMD) ने बेगूसराय, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, पटना, बक्सर, कैमूर और रोहतास समेत करीब 17 जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' (बेहद भारी बारिश की चेतावनी) जारी किया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि भीषण गर्मी से लोगों को छुटकारा मिला है, लेकिन वज्रपात के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में घरों के अंदर रहने की अपील की है. जून के महीने में राज्य के कुछ हिस्सों में हीटवेव के दिन सामान्य से अधिक हो सकते हैं, इसलिए पूरी राहत के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा.
किसानों के लिए क्या है खबर, फायदा या नुकसान?
इस अचानक आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है. खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं और पेड़ों पर लगे आम-लीची जैसे फलों को भारी क्षति पहुंची है. किसानों के इस नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को तुरंत प्रभावित जिलों का सर्वे करने का आदेश दिया है, ताकि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा और राहत राशि दी जा सके. इसके साथ ही, वज्रपात से जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने का एलान भी किया गया है. दूसरी ओर, केंद्रीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल देश में 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण मानसून (जून से सितंबर) के सामान्य से कम (90%) रहने का अनुमान जताया है, जो खरीफ फसलों के लिए आगे चुनौती खड़ी कर सकता है.
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