बिहार विधानमंडल में महागठबंधन के नेता चुने गए तेजस्वी, पार्टी ने बताई आगे की रणनीति

कांग्रेस एमएलसी और पार्टी की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष समीर कुमार सिंह ने बैठक के बाद कहा कि तेजस्वी यादव पर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है. हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है और वह विपक्ष के नेता भी होंगे.

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बिहार में करारी हार के बाद विपक्षी महागठबंधन के विधायकों ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से राज्य विधानमंडल में गठबंधन का नेता चुन लिया. सोमवार से विधानमंडल के शुरू हो रहे पांच दिवसीय सत्र से पहले तेजस्वी की तरफ से आयोजित एक बैठक में यह निर्णय हुआ. इस सत्र के दौरान 243 सदस्यीय विधानसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलायी जाएगी.

बैठक के बाद राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से कहा कि तेजस्वी यादव को राज्य विधानमंडल में महागठबंधन का नेता चुना गया है. निश्चित रूप से वह विधानसभा में हमारी पार्टी के नेता भी होंगे.

कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) और पार्टी की प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष समीर कुमार सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव पर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया. हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है और वह विपक्ष के नेता भी होंगे.

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है. सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को 202 सीटें मिली हैं, वहीं विपक्षी महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया है. इसमें सबसे ज्यादा आरजेडी को 25 सीटें मिली हैं. 

बैठक की जानकारी देते हुए समीर सिंह ने बताया कि इस दौरान विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों ने चुनाव कराने के तरीके पर चिंता जतायी. ये स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं थे. बिहार में हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर संदेह बना हुआ है. पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में जैसे राजनीतिक टकराव हो रहा है, उस पर कोई हैरानी नहीं है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि हम सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे. अगर बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन चुनाव के दौरान किए गए वादों से मुकरने की कोशिश करता है तो हम उसका विरोध करेंगे.

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