- ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर मिसाइल हमले के बाद तीन भारतीय मर्चेंट नेवी कर्मचारी लापता हो गए हैं
- बिहार के बेतिया निवासी आशीष कुमार कप्तान के पद पर तैनात थे और अभी तक उनका कोई पता नहीं चला है
- आशीष कुमार के परिवार ने सरकार से विनती की है कि उन्हें सुरक्षित लौटाने में सहायता की जाए
ईरान-इजरायल युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट देशों में फंसे भारतीयों के लिए भी संकट गहराता जा रहा है. इस बीच ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर धमाके के बाद से तीन भारतीय लापता हैं. इनमें एक बिहार के बेतिया के रहने वाले आशीष कुमार हैं. आशीष कुमार मर्चेंट नेवी में बतौर कप्तान के पद पर थे. उनका अभी तक कुछ भी पता नहीं चला है.परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो रखा है. परिवार वाले सरकार से विनती कर रहे हैं कि जिस तरह से हमारा बेटा गया था, उसी तरह उसे वापस लाया जाए.
इसी साल ज्वाइन की थी नेवी
लापता आशीष के भाई आकाश ने बताया कि भैया ने 20 जनवरी 2026 मर्चेंट नेवी ज्वाइन किया था. सबसे पहली जॉइनिंग उनकी दुबई में हुई थी. 22 फरवरी को उन्होंने ओमान जाने वाली स्काई-लाइटबोट ज्वाइन किया था जिसका IMO नंबर-9330020 था इसी बोट पर मेरे बड़े आशीष बतौर कप्तान तैनात थे. इसी ऑयल टैंकर पर ईरान की मिसाइल ने हमला किया था.
आशीष का पूरा परिवार सरकार से हाथ जोड़कर विनती कर रहा है कि जिस हाल में उनका बेटा-भाई गया था उसे उसी हालत में वापस भारत लाया जाए. आशीष के भाई ने बताया कि उन्हें रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम जानकारी मिली कि ओमान में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है. उन्होंने उसके बाद एंबेसी से संपर्क किया जहां से उन्हें जनकारी मिली कि जिस तेल टैंकर पर हमला हुआ है उसी जहाज पर उनके बड़े भाई आशीष भी मौजूद थे. उन्होंने बताया की उस जहाज पर कुल 20 लोग सवार थे जिसमें से 17 लोगों का पता चल गया हैं, लेकिन अभी तक तीन लोग लापता हैं जिसमें मेरे बड़े भाई आशीष कुमार भी हैं.
आशीष कुमार तीन भाइयों में सबसे बड़ा भाई हैं. पिता अशोक कुमार पेशे से वकील हैं. मां सुनीता देवी ग्रहणी हैं. पत्नी अंशु कुमारी का रो- रोकर बुरा हाल है. आशीष का एक 5 वर्षीय बेटा दक्ष है जो अपने पापा का इंतजार कर रहा है. पूरा परिवार पूरी तरह से टूट गया है.
सांसद ने विदेश राज्यमंत्री से की बात
बेतिया बीजेपी सांसद डॉ. संजय जयसवाल ने बताया कि कल दोपहर में पता चला कि बेतिया के कैप्टन आशिष कुमार भी उस ऑयल टैंकर में थे जिसे ईरान की मिसाइल ने हमला किया था. कल से ओमान एवं माननीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह से लगातार संपर्क में हूं. उस ऑयल टैंकर में अभी भी आग लगी हुई है और इसलिए भीतर जाना संभव नहीं हो पा रहा है.भारत सरकार लगातार सभी स्थितियों पर नजर बनाए हुए है.सभी देशों में हमारे दूतावास चौबीसों घंटे भारतीयों की सुरक्षा एवं उनमें से जो स्वदेश वापस आना चाहें उनकी व्यवस्था करने के लिए तत्पर हैं.
बेतिया से जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट














