- बेतिया के कन्हैया कुमार ने गरीबी दूर करने के लिए कर्ज लेकर अपने बेटे रवि को दुबई नौकरी के लिए भेजा था
- रवि को दुबई में नौकरी का वादा 35 हजार रुपये मासिक का किया गया लेकिन उसे केवल सत्रह हजार रुपये मिले
- नौकरी से निकाले जाने के बाद रवि को सुनसान जगह छोड़ दिया गया और वहां से पुलिस को सौंप दिया गया था
पश्चिमी चंपारण के बेतिया से रोजी-रोटी कमाने के लिए एक पिता ने कर्ज लेकर अपने बेटे को दुबई भेजा, लेकिन आज वही बेटा वहां बड़ी मुसीबत में फंस गया है, बेतिया के संतघाट के रहने वाले कन्हैया कुमार का बेटा रवि कुमार 13 महीने से दुबई के अबीर जेल में बंद है. रवि की मां शकुंतला देवी, पिता कन्हैया कुमार और छोटे भाई राजा कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है. रवि दुबई में कमाने गया था लेकिन आज बड़ी मुसीबत में फंस गया है. रवि के माता-पिता सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं. सरकार से हाथ जोड़कर विनती कर रहे हैं कि उनके बेटे रवि को दुबई जेल से निकाला जाए और भारत लाया जाए. माता-पिता सरकार से गुहार लगाते हुए कह रहे हैं- 'हमार बाबू को दुबई जेल से वापस ला दी सरकार.'
35,000 की नौकरी का वादा कर ले गए दुबई
कन्हैया कुमार ने परिवार की गरीबी दूर करने के लिए कर्ज लेकर रवि को खाड़ी देश भेजा था. मां शकुंतला देवी ने बताया कि उनके बेटे को अनवर मियां नाम एक एक एजेंट ने 22 मई 2024 को दुबई भेजा था. एजेंट ने कहा कि उनके बेटे को वहां हर महीने 35 हजार रुपये मिलेंगे. बेटे ने वहां काम करना शुरू भी किया लेकिन उसे 17 हजार रुपये ही मिलते थे.
शकुंतला देवी ने बताया कि किसी तरह उनके बेटे ने 17 हजार में 3 महीने नौकरी कर ली. लेकिन जब बेटे ने कहा कि इतना कम पैसा क्यों मिल रहा है तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया. उसे कहीं सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया. किसी तरह उनका बेटा रवि ने वहां लोगों से संपर्क किया. वहां के लोगों ने उसे पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने सिर्फ मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने दुबई की एंबेसी से भी मदद मांगी लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी. उनके बेटे का मोबाइल और पैसा छीन लिया गया. जब वह इसकी शिकायत करने पुलिस थाने गया तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
ठेला चलाते हैं पिता, कर्ज लेकर भेजा था दुबई
रवि के पिता कन्हैया कुमार ठेला चलाते हैं. ठेला चलाकर दो पैसा मजदूरी कर घर का भरण पोषण करते हैं. कन्हैया कुमार ने बताया कि मैंने कर्ज और गहना गिरवी रखकर बेटे को कमाने के लिए दुबई भेजा था. वहां जाने के बाद बेटे ने दो-तीन महीना काम किया. उसके बाद मेरे बेटे के पीछे कुछ दलाल लग गए और मेरे बेटे को प्रताड़ित करने लगे. वहां पर किसी दलाल ने मेरे बेटे को झूठा आश्वासन देकर दूसरी कंपनी में नौकरी लगाने के लिए ले गया, लेकिन उसने भी उसे काम पर नहीं लगाया और उसका मोबाइल, पैसा सब ले लिया और उसे ले जाकर ओमान और दुबई के बॉर्डर की तरफ सुनसान जगह बालू की रेत की तरफ छोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि किसी तरह से बेटे ने संपर्क किया फिर मैंने बेटे को बैंक से 40 हजार रूपये लोन लेकर भेजा कि दुबई में फिर से काम खोजो, लेकिन वहां पर भी मेरे बेटे के साथ धोखा हुआ. किसी एजेंट ने नौकरी के नाम पर मेरे बेटे से पैसा ले लिया. मेरे बेटे को ना ही उस एजेंट ने कहीं नौकरी लगाई और ना ही भारत जाने के लिए टिकट बनवाया और उसे फंसा कर जेल भेज दिया. मेरा बेटा 13 महीनों से जेल में है.
सरकार से गुहार- बेटे को वापस लाया जाए
पिता ने बताया कि हमने केंद्र सरकार के मंत्री सतीश चंद्र दुबे से मुलाकात की और उनसे गुहार भी लगाई, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है. प्रशांत किशोर बेतिया आए थे हमने उनसे भी मुलाकात की और अपनी व्यथा बताई. उन्होंने भी आश्वासन दिया है कि आपके बेटे को भारत लाने में पूरी मदद की जाएगी. पिता ने सरकार से गुहार लगाई है कि हमें हमारा बेटा वापस मिल जाए. हमारा बेटा जेल में बंद है. सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि किसी हालत में हमारा बेटा वापस हमारे घर आ जाए.
प्रशांत किशोर कर रहे हैं मदद
परिवार ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी. प्रशांत किशोर हाल ही में बेतिया के सर्किट हाउस पहुंचे हैं. परिवार ने जन सुराज के नेता मनीष कश्यप से भी बात की है. प्रशांत किशोर ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया. बताया जा रहा है कि जन सुराज की स्थानीय टीम अब परिवार से दस्तावेज लेकर आगे की कार्रवाई के लिए तैयारी कर रही है ताकि दूतावास तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके.
दर-दर भटक रहे माता-पिता
पीड़ित परिवार ने अपनी समस्या को लेकर जिले के सभी नेताओं के मुलाकात कर रहें है. नेताओं के सामने अपनी समस्याओं को रख रहे हैं. लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है. परिवार को उम्मीद है कि उनकी बात सरकार तक पहुंचेगी और दुबई जेल में बंद उनके बेटे को भारत लाया जाएगा. परिवार का इकलौता कमाने वाला बेटा आज दुबई के जेल में बंद है. परिवार पूरी तरह से टूट चुका है क्योंकि वहां पर जाने के लिए ना ही उनके पास पैसा है और ना ही कोई उपाय. किसी तरह उनको अपने बेटे की जानकारी मिल जा रही है तो एक उम्मीद जग रही है कि हमारा बेटा जिंदा तो है.














