बेतिया के कन्हैया कुमार ने गरीबी दूर करने के लिए कर्ज लेकर अपने बेटे रवि को दुबई नौकरी के लिए भेजा था रवि को दुबई में नौकरी का वादा 35 हजार रुपये मासिक का किया गया लेकिन उसे केवल सत्रह हजार रुपये मिले नौकरी से निकाले जाने के बाद रवि को सुनसान जगह छोड़ दिया गया और वहां से पुलिस को सौंप दिया गया था