Ashlesha Nakshatra: हर नक्षत्र का अपना महत्व होता है. उसका अपना एक गुण होता है. ऐसा ही एक नक्षत्र है अश्लेषा नक्षत्र. इस नक्षत्र को विष वाला नक्षत्र भी कहा जाता है. इस नक्षत्र में सभी ग्रहों में विष का कारक देखने को मिल सकता है. इस नक्षत्र का संबंध परिवर्तन से भी होता है. अश्लेषा नक्षत्र का स्वामी बुध (Budh Grah) होता है और इस नक्षत्र में जन्म लेने वालों पर बुध का प्रभाव देखने को मिलता है. यहां हम अश्लेषा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों के स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में जानेंगे.
क्रोध पर काबू रखने की है जरूरतबुध के प्रभाव से इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों की वाणी काफी मधुर होती है. इस कारण इनकी बातों से लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. इन्हें बातचीत करना पसंद होता है और किसी भी विषय पर वे घंटों बैठकर चर्चा कर सकते हैं. इन लोगों में काफी क्रोध भी होता है. इस कारण कई बार इन्हें नुकसान भी हो सकता है. ऐसे में इन्हें अपने क्रोध पर काबू रखने की जरूरत है.
अश्लेषा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों की वैसे तो कई विशेषताएं (Qualities) होती हैं, लेकिन उनकी एक खास बात यह है कि अगर इनकी दोस्ती प्रगाढ़ है, तो ये अपने दोस्तों के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. ये काफी मिलनसार भी होते हैं. हालांकि, ये लोग अपना काम निकालना जानते हैं और किसी के साथ तभी तक जुड़े रहते हैं, जब तक उनके जरिए उनका काम निकलता है. वैसे ये शारीरिक मेहनत से ज्यादा दिमागी कार्य करते हैं.
अश्लेषा नक्षत्र में जन्म लेने वालों का करियरकरियर की बात करें तो राजनीति का क्षेत्र भी इनके लिए अच्छा होता है. वैसे ये एक अच्छे लेखक भी बन सकते हैं और एक्टर भी. कला और वाणिज्य का क्षेत्र भी इनके लिए अच्छा होता है. वैसे नौकरी (Job) की बजाय व्यापार करना इन्हें फलता है. इसी तरह कीटनाशक, योग ट्रेनर, पर्यटन, जर्नलिज्म, नर्सिंग आदि का क्षेत्र में इनके लिए अच्छा होता है.
इन लोगों के परिवार में संबंध अच्छे होते हैं. घर के लोगों खासकर भाइयों का पूरा सहयोग इन्हें मिलता है. वैवाहिक जीवन की बात करें तो आपको अपने जीवनसाथी में कमियां नहीं निकालनी चाहिए. अगर आप सावधान रहेंगे तो ठीक है, अन्यथा मतभेद उत्पन्न हो सकता है.
अश्लेषा नक्षत्र के पुरुष और महिलाओं के लक्षणअश्लेषा नक्षत्र में जन्म लेने वाले पुरुषों और महिलाओं के लक्षण अलग-अलग तरह के होते हैं. पुरुषों की बात करें तो वे किसी ईमानदारी का दिखावा करते हैं और किसी का एहसान नहीं मानते हैं. हालांकि, वे चरित्रवान होते हैं.
इस नक्षत्र की महिलाओं की बात करें तो ये चरित्रवान और शर्मीली होती हैं. कुंडली में अश्लेषा नक्षत्र में मंगल हो तो महिलाएं सुंदर होती हैं. ये हर कार्य में निपुण होती हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














