Astrology: कुंडली के चौथे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से जातक उदार, दयालु और बुद्धिमान होता है. स्वभाव से वह काफी मिलनसार और हमेशा प्रसन्न रहने वाला होता है. चूंकि चंद्रमा चौथे भाव के कारक भी हैं, इसलिए इस भाव में चंद्रमा काफी मजबूत माने जाते हैं. माता के प्रति भी इनका काफी झुकाव देखने को मिलता है. इतना ही नहीं जातक का अपने परिवार वालों के साथ भी भावनात्मक रूप से काफी जुड़ाव देखने को मिलता है.
चंद्रमा के सकारात्मक प्रभाव
इस भाव में चंद्रमा के प्रभाव से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर होती है. खास बात यह है कि जातक को संपत्ति आदि की भी सहजता से प्राप्ति हो जाती है. उसे इसके लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती. चंद्रमा के प्रभाव से आपकी स्मरणशक्ति भी अच्छी होती है. चंद्रमा के प्रभाव से बिजनेस में अनुकूल परिणाम मिलता है. इसके साथ ही नौकरीपेशा लोगों को अपने वरिष्ठों का सहयोग भी प्राप्त होता है.
चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाववैसे तो चौथे भाव में चंद्रमा मजबूत माने जाते हैं, लेकिन अन्य ग्रहों के प्रभाव में विपरीत परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं. व्यक्ति में काफी भावुकता भी देखने को मिल सकती है. ये परिवार के प्रति भी समर्पित होते हैं और इस कारण परिवार के सहयोग के बिना व्यक्तिगत संबंध बनाने में असफल हो सकते हैं. अनैतिक संबंधों के कारण भी इन्हें नुकसान हो सकता है और सामाजिक छवि पर इसका असर देखने को मिल सकता है.
वैवाहिक जीवन पर प्रभावचौथे भाव में चंद्रमा के प्रभाव से आपका जीवनसाथी काफी लोकप्रिय होगा. विवाह के बाद जल्द ही ये अपना परिवार भी शुरू करने को लेकर काफी इच्छुक होते हैं. इनकी संतान भी सदाचारी होती है. इस भाव में चंद्रमा का आपके वैवाहिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है.
करियर पर प्रभावइस भाव में चंद्रमा की बात करें, तो जातक की स्टॉक मार्केट और रियल एस्टेट में भी रूचि देखने को मिल सकती है. चंद्रमा के प्रभाव से सरकारी नौकरी में भी सफलता मिल सकती है. राजनीति में भी ये सफल होते हैं. इसके अलावा लिक्विड यानी पानी और दूसरे पेय पदार्थ के साथ ही रंगों के कारोबार में भी सफलता मिलती है. नेवी आदि में भी इनका करियर बेहतर होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)