Astrology: कुंडली के दसवें भाव में राहु का कार्यक्षेत्र पर प्रभाव देखने को मिलता है. अगर राहु इस भाव में अशुभ स्थिति में हों तो कार्यक्षेत्र में असंतोष की स्थिति देखने को मिल सकती है. अधिकारियों के साथ भी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. दसवां भाव आपके व्यापार, नौकरी, प्रतिष्ठा के साथ ही पिता का कारक होता है. इस भाव को कर्म भाव माना जाता है और इस कारण दसवें भाव को कामकाज के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. राहु के प्रभाव से जातक काफी मजबूत होने के साथ ही निडर भी होता है. राहु के प्रभाव (Rahu Effects) से इनकी कार्यशैली खासकर व्यापार से जुड़ी जानकारी अच्छी होती है. इन्हें साहित्य की भी अच्छी जानकारी होती है.
राहु के सकारात्मक प्रभाव
राहु के शुभ और सकारात्मक प्रभाव की बात करें तो ग्रह के प्रभाव से जातक को अपने जीवन में सफलता प्राप्त होती है. उसे यश और कीर्ति भी मिलती है. इनकी धार्मिक कार्यों में भी काफी रूचि देखने को मिलती है. वैसे तो इनके शत्रुओं की संख्या काफी कम ही होती है, लेकिन अगर कोई हो, तो उन्हें शत्रुओं पर जीत भी हासिल होती है. जातकों को व्यापार में सफलता मिलती है. कोर्ट-कचहरी के कार्यों में भी सफलता प्राप्त होती है.
राहु के नकारात्मक प्रभावराहु के नकारात्मक प्रभाव के कारण जातक में आलस्य और उत्साह की कमी देखने को मिल सकती है. ऐसे में इसपर ध्यान देने की जरूरत है. खुद में अहं की भावना न आने दें. नशे से दूर रहना भी आपके लिए अच्छा रहेगा. इतना ही नहीं, इन्हें अपने काम में विलंब का सामना करना पड़ता है. जातकों को समय पर अपना काम करने में भी परेशानी होती है.
वैवाहिक जीवन पर प्रभावदसवें भाव में राहु के प्रभाव से जातक के वैवाहिक जीवन में उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. इस भाव में राहु वैवाहिक रिश्तों के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं. राहु के प्रभाव से जीवनसाथी के झगड़े भी हो सकते हैं. इतना ही नहीं झगड़े के कारण दांपत्य जीवन में अलगाव का भी सामना करना पड़ सकता है.
करियर पर प्रभावकरियर के लिहाज से भी दसवां भाव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. अगर इस भाव में राहु अशुभ स्थिति में हों, तो कार्यक्षेत्र में असंतोष का सामना करना पड़ सकता है. उच्च अधिकारियों के साथ तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. सफलता प्राप्त करने में भी परेशानी हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों के जीवन पर भी प्रभाव देखने को मिलता है. ग्रह के प्रभाव से जातक की कला और साहित्य आदि में रूचि देखने को मिलती है. जातक लेखन के क्षेत्र में नाम कमाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)