
Lehsunia Ratan Pehanne ke Fayde: लहसुनिया सबसे खूबसूरत रत्नों में से एक है. इसकी सतह पर बनने वाली चमकदार सीधी लाइन इसे बिल्कुल बिल्ली की आंख जैसा लुक देती है. इसी वजह से इसे कैट्स आई (Cat's Eye) भी कहा जाता है. लेकिन लहसुनिया सिर्फ खूबसूरत दिखने वाला रत्न नहीं है, ज्योतिष के अनुसार यह (Lehsunia gemstone astrology) बहुत पावरफुल भी माना जाता है. यही कारण है कि इसे बिना जानकारी के पहनना (Cat's Eye stone wearing rules) फायदे की जगह नुकसान भी दे सकता है और अगर सही हाथ में चला जाए तो किस्मत तक खुल सकती है. इस आर्टिकल में जानिए लहसुनिया रत्न किन लोगों को पहनना चाहिए, इसके फायदे और नुकसान क्या हैं.
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लहसुनिया रत्न क्या है?
लहसुनिया को वैदूर्य रत्न भी कहा जाता है. इसकी सबसे खास पहचान इसकी चमक और बीच में दिखने वाली सीधी रेखा होती है. जब इस स्टोन पर लाइट पड़ती है, तो यह ग्रीन-ब्राउन और गोल्डन कलर में चमकता है. ज्योतिष में इसे केतु ग्रह से जोड़ा जाता है, जो एक छाया ग्रह माना जाता है और अचानक असर दिखाने के लिए जाना जाता है.
लहसुनिया रत्न किसे पहनना चाहिए?
ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में केतु ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में होता है, उनके लिए लहसुनिया रत्न बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह रत्न केतु के नकारात्मक असर को कम करने में मदद करता है और लाइफ में बैलेंस लाने का काम करता है. खासतौर पर जिन लोगों को अचानक नुकसान, डर, मानसिक उलझन या बार-बार रुकावटों का सामना करना पड़ता है, उन्हें ज्योतिष सलाह के बाद लहसुनिया पहनना चाहिए.
किन लोगों को लहसुनिया नहीं पहनना चाहिए?
हर रत्न हर व्यक्ति के लिए नहीं होता. मेष, सिंह, धनु और मीन राशि वालों को आमतौर पर लहसुनिया पहनने से बचने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा गर्भवती महिलाएं, दिल या दिमाग से जुड़ी गंभीर परेशानी वाले लोग और जिनकी कुंडली में केतु दूसरे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो, उन्हें भी यह रत्न नहीं पहनना चाहिए. बिना कुंडली देखे लहसुनिया पहनना नुकसानदायक हो सकता है.
लहसुनिया रत्न पहनने के फायदे
- लहसुनिया पहनने से इंसा के चारों ओर एक तरह की पॉजिटिव घेरा बनता है, जो निगेटिव एनर्जी से बचाने में मदद करता है.
- यह कॉन्फिडेंस बढ़ाता है डर को कम करता है.
- कई लोग मानते हैं कि इसे पहनने से फैसले लेने की क्षमता बेहतर होती है और मन ज्यादा साफ रहता है.
- यह पैसा, स्टेबिलिटी और मानसिक शांति भई देता है.
- कुछ लोगों को इससे सिरदर्द, पाचन और आंखों से जुड़ी समस्याओं में भी राहत महसूस होती है.
लहसुनिया पहनने के नुकसान
- अगर लहसुनिया आपकी कुंडली के अनुकूल नहीं है और फिर भी आपने इसे पहन लिया, तो इसके निगेटिव असर दिख सकते हैं.
- इससे अचानक नुकसान, मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन, थकान या रिश्तों में अनबन जैसी परेशानियां हो सकती हैं.
- कुछ मामलों में नौकरी और पैसों से जुड़ी समस्याएं भी देखी गई हैं.
- इस रत्न को बिना सलाह के बिल्कुल नहीं पहनना चाहिए.
लहसुनिया कब और कैसे पहनें, जानें नियम?
लहसुनिया को आमतौर पर चांदी या सोने में जड़वाकर पहना जाता है. इसे अंगूठी, ब्रेसलेट या पेंडेंट के रूप में धारण किया जा सकता है, बस ध्यान रखें कि स्टोन आपकी स्किन को छूता रहे. पहनने से पहले इसे दूध, पानी या गंगाजल से शुद्ध करना अच्छा माना जाता है. शनिवार या मंगलवार और शुक्ल पक्ष में इसे धारण करना बेहतर माना जाता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.