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This Article is From Oct 07, 2024

गुरू का कुंडली के दसवें भाव में कुछ इस तरह का होता है प्रभाव, जानें यहां

इस भाव से व्यक्ति की नौकरी, व्यापार, प्रतिष्ठा सहित अन्य बातों का पता चलता है. इस भाव को कर्म का भाव भी कहा जाता है.

गुरू का कुंडली के दसवें भाव में कुछ इस तरह का होता है प्रभाव, जानें यहां
जानिए कुंडली के दसवें भाव में गुरु के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में. 
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Astrology: कुंडली के दसवें भाव में गुरू का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है. इस भाव में ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति नैतिक मूल्यों के साथ अपना जीवन व्यतीत करता है. इस भाव से व्यक्ति की नौकरी, व्यापार, प्रतिष्ठा सहित अन्य बातों का पता चलता है. इस भाव को कर्म का भाव भी कहा जाता है. ऐसे में दसवें भाव से यह भी पता चलता है कि व्यक्ति का करियर कैसा रहेगा. जानिए कुंडली के दसवें भाव में गुरु के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में. 

गुरू के सकारात्मक प्रभाव

दसवें भाव में ग्रह के सकारात्मक प्रभाव की बात करें तो व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाला और चरित्रवान होता है. वह सच बोलने वाला, सात्विक और अच्छे कर्म करने वाला होता है. भूमि के माध्यम से उसे लाभ होता है और सुख की प्राप्ति होती है. ऐसे व्यक्ति के पास कई तरह के वाहन भी देखने को मिल सकते हैं. खास बात यह है कि ये जो भी काम करते हैं उसमें उन्हें सफलता अवश्य ही मिलती है.

गुरू के नकारात्मक प्रभाव

दसवें भाव में गुरू के नकारात्मक प्रभाव की बात करें तो कई बार व्यक्ति अपने मन की ही करता है. ऐसे में गलतियां होने की संभावना भी होती है. उसे दूसरे लोगों की सलाह मानने की भी जरूरत हो सकती है. कई बार इनमें अहं भी देखने को मिलता है. आपको सावधानी बरतने और अपने लक्ष्यों के प्रति उन्मुख होने की जरूरत है. ये अपने माता-पिता का आदर करते हैं और इन्हें पिता का भी स्नेह प्राप्त होता है.

वैवाहिक जीवन पर प्रभाव

वैवाहिक जीवन की बात करें तो गुरू ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति का जीवन सामान्य रहता है. वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. पत्नी और पुत्रों का सुख भी सामान्यतौर पर मिलता है. हालांकि, ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति को संतान के भविष्य को लेकर चिंता हो सकती है. बृहस्पति के कमजोर होने की स्थिति में व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. जीवनसाथी के साथ तालमेल बिगड़ सकता है और वैवाहिक जीवन में समस्याएं आ सकती हैं.

करियर पर प्रभाव

गुरू के दसवें भाव का करियर पर भी पूरा प्रभाव देखने को मिलता है. इस भाव में गुरू आपके पेशेवर जीवन के साथ ही व्यापार आदि क्षेत्रों पर प्रभाव डालते हैं. ऐसे में व्यक्ति को पेशेवर जीवन में पूरी सफलता मिल सकती है. ग्रह के प्रभाव से कार्य शुरू करते ही इन्हें सफलता दिखाई देने लगती है. भाइयों के माध्यम से भी इन्हें धन लाभ होता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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