Astrology: कुंडली के दसवें भाव में गुरू का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है. इस भाव में ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति नैतिक मूल्यों के साथ अपना जीवन व्यतीत करता है. इस भाव से व्यक्ति की नौकरी, व्यापार, प्रतिष्ठा सहित अन्य बातों का पता चलता है. इस भाव को कर्म का भाव भी कहा जाता है. ऐसे में दसवें भाव से यह भी पता चलता है कि व्यक्ति का करियर कैसा रहेगा. जानिए कुंडली के दसवें भाव में गुरु के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में.
गुरू के सकारात्मक प्रभाव
दसवें भाव में ग्रह के सकारात्मक प्रभाव की बात करें तो व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाला और चरित्रवान होता है. वह सच बोलने वाला, सात्विक और अच्छे कर्म करने वाला होता है. भूमि के माध्यम से उसे लाभ होता है और सुख की प्राप्ति होती है. ऐसे व्यक्ति के पास कई तरह के वाहन भी देखने को मिल सकते हैं. खास बात यह है कि ये जो भी काम करते हैं उसमें उन्हें सफलता अवश्य ही मिलती है.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
दसवें भाव में गुरू के नकारात्मक प्रभाव की बात करें तो कई बार व्यक्ति अपने मन की ही करता है. ऐसे में गलतियां होने की संभावना भी होती है. उसे दूसरे लोगों की सलाह मानने की भी जरूरत हो सकती है. कई बार इनमें अहं भी देखने को मिलता है. आपको सावधानी बरतने और अपने लक्ष्यों के प्रति उन्मुख होने की जरूरत है. ये अपने माता-पिता का आदर करते हैं और इन्हें पिता का भी स्नेह प्राप्त होता है.
वैवाहिक जीवन पर प्रभाववैवाहिक जीवन की बात करें तो गुरू ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति का जीवन सामान्य रहता है. वैवाहिक जीवन सुखमय होता है. पत्नी और पुत्रों का सुख भी सामान्यतौर पर मिलता है. हालांकि, ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति को संतान के भविष्य को लेकर चिंता हो सकती है. बृहस्पति के कमजोर होने की स्थिति में व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. जीवनसाथी के साथ तालमेल बिगड़ सकता है और वैवाहिक जीवन में समस्याएं आ सकती हैं.
करियर पर प्रभावगुरू के दसवें भाव का करियर पर भी पूरा प्रभाव देखने को मिलता है. इस भाव में गुरू आपके पेशेवर जीवन के साथ ही व्यापार आदि क्षेत्रों पर प्रभाव डालते हैं. ऐसे में व्यक्ति को पेशेवर जीवन में पूरी सफलता मिल सकती है. ग्रह के प्रभाव से कार्य शुरू करते ही इन्हें सफलता दिखाई देने लगती है. भाइयों के माध्यम से भी इन्हें धन लाभ होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं