International Women's Day 2026: हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. यह दिन महिलाओं की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए समर्पित होता है. साथ ही यह दिन लैंगिक भेदभाव को खत्म करने और महिलाओं को समान अधिकार दिलाने की दिशा में प्रयासों को प्रेरित करता है. इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम है 'सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए, अधिकार. न्याय. कार्रवाई.' (Rights. Justice. Action. For All Women and Girls). इस मौके पर हम उन भारतीय महिलाओं को याद करते हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, साहस और उपलब्धियों से देश की सोच और इतिहास बदल दिया.
ये हैं भारत की ऐसी 10 प्रेरणादायक महिलाएं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में असाधारण काम करके देश को गर्व महसूस कराया.
एवरेस्ट से अंतरिक्ष तक महिलाओं की ऐतिहासिक उड़ान
बछेंद्री पाल
बछेंद्री पाल 23 मई 1984 को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. यह यात्रा बेहद खतरनाक थी. अभियान के दौरान एक हिमस्खलन ने कैंप को तबाह कर दिया था और कई सदस्य घायल हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार एवरेस्ट फतह कर लिया. उन्हें 2019 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.
कल्पना चावला
हरियाणा के करनाल में जन्मी कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला थीं. उन्हें 1994 में नासा ने अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना था. 1 फरवरी 2003 को स्पेस शटल कोलंबिया दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन उनका सपना और साहस आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है.
टेसी थॉमस
टेसी थॉमस को भारत की ‘मिसाइल वुमन' कहा जाता है. वह देश की पहली महिला वैज्ञानिक हैं जिन्होंने मिसाइल प्रोजेक्ट का नेतृत्व किया. उन्होंने अग्नि-IV और अग्नि-V मिसाइल परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया, जिनकी मारक क्षमता लगभग 5000 किलोमीटर है.
प्रशासन, विज्ञान और समाज में महिलाओं की बड़ी भूमिका
किरण बेदी
किरण बेदी 1972 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल होने वाली पहली महिला बनीं. तिहाड़ जेल में उनके सुधार कार्यों के लिए उन्हें 1994 में रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वह पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर भी रह चुकी हैं.
किरण मजूमदार-शॉ
किरण मजूमदार-शॉ ने 1978 में केवल 10,000 रुपये की पूंजी से बायोकॉन कंपनी की शुरुआत की थी. आज यह कंपनी बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में दुनिया की बड़ी कंपनियों में शामिल है और सस्ती इंसुलिन तथा कैंसर की दवाएं 120 से ज्यादा देशों तक पहुंचाती है.
आनंदी गोपाल जोशी
आनंदी गोपाल जोशी को भारत की पहली महिला डॉक्टर माना जाता है. उन्होंने 1886 में विमेंस मेडिकल कॉलेज ऑफ पेनसिल्वेनिया से पश्चिमी चिकित्सा की डिग्री हासिल की और भारत लौटकर कोल्हापुर के अस्पताल में चिकित्सक के रूप में काम किया.
खेल और ग्लैमर की दुनिया में भी बनाया इतिहास
ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी
2023 में ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी भारतीय वायुसेना की पहली महिला अधिकारी बनीं जिन्होंने एक फ्रंटलाइन कॉम्बैट यूनिट की कमान संभाली. इससे पहले 2019 में वह फ्लाइंग यूनिट में फ्लाइट कमांडर बनने वाली पहली महिला अधिकारी भी बनी थीं.
मैरी कॉम
मणिपुर की मैरी कॉम 6 बार की विश्व बॉक्सिंग चैंपियन हैं. गरीबी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने मुक्केबाजी में विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया और ओलंपिक में भी पदक जीता.
सुष्मिता सेन
सुष्मिता सेन 1994 में मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. उस समय वह सिर्फ 18 साल की थीं. इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में भी सफल करियर बनाया और कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं.
साइना नेहवाल
साइना नेहवाल ओलंपिक में बैडमिंटन का पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था. 2015 में वह विश्व नंबर-1 बैडमिंटन खिलाड़ी भी बनीं. उन्होंने जनवरी 2026 में बैडमिंटन से संन्यास की घोषणा की.
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