Bengaluru vs Dubai job: विदेश में नौकरी का ऑफर मिलना सुनने में जितना आकर्षक लगता है, फैसला लेना उतना ही मुश्किल होता है. खासकर तब, जब भारत में भी अच्छी सैलरी और मजबूत करियर ग्रोथ का मौका हो. बेंगलुरु के 27 वर्षीय एक टेक प्रोफेशनल ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर लोगों को अपनी दुविधा बताई है. उनका सवाल था, क्या 38 लाख रुपये सालाना (LPA) की नौकरी बेंगलुरु में बेहतर है या दुबई में 21,000 AED (लगभग 5.19 लाख रु) प्रति माह का ऑफर?
क्या है पूरा मामला?
शख्स ने बताया कि वह फिलहाल 32 लाख रुपये सालाना कमा रहे हैं. अब उन्हें दो ऑफर मिले हैं. पहला ऑफर बेंगलुरु की एक बड़े बैंक से है, जिसका ब्रांड वैल्यू और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ अच्छा बताया गया है. दूसरा ऑफर दुबई से है. उन्होंने लिखा, भारत वाले ऑफर को समझना आसान है, लेकिन, दुबई वाले ऑफर को सही तरीके से आंकना मुश्किल लग रहा है. उनका सवाल था कि क्या 21,000 AED सिंगल व्यक्ति के लिए अच्छी सैलरी है? वहां कितना खर्च होगा और कितनी बचत संभव है? क्या फ्लैट शेयरिंग आम है? क्या सिर्फ ‘दुबई टैग' के लिए जाना सही होगा?
दुबई में खर्च और बचत पर क्या बोले लोग?
कई यूजर्स ने दुबई के टैक्स-फ्री फायदे बताए, लेकिन साथ ही खर्चों का भी जिक्र किया. एक यूजर ने लिखा, दुबई में आयकर नहीं है, लेकिन किराया ही 6,000 से 9,000 AED तक हो सकता है. बाकी खर्च जोड़कर 10,000 से 13,000 AED आराम से खर्च हो जाते हैं. बचत 7,000 से 10,000 AED तक हो सकती है, अगर आप अनुशासित रहें. दूसरे ने कहा, सबसे बड़ा खर्च किराया है. 5,000 AED किराया और 5,000 AED अन्य खर्च निकाल दें, तो वही आपकी बचत है. लेकिन मेडिकल खर्च भी महंगा है.
करियर ग्रोथ पर उठे सवाल
कुछ यूजर्स ने करियर को प्राथमिकता देने की सलाह दी. एक टेक प्रोफेशनल ने लिखा, अगर ग्रोथ चाहिए तो बेंगलुरु में ही रहना बेहतर है. टेक सेक्टर में दुबई उतना मजबूत नहीं है, और कई कंपनियां काम भारत को आउटसोर्स कर रही हैं. एक यूजर ने चेतावनी दी कि 21,000 AED सैलरी टेक प्रोफेशनल के अनुभव के हिसाब से कम हो सकती है. उन्होंने सुझाव दिया कि कम से कम 25,000 AED पर बातचीत करनी चाहिए. कुछ लोगों ने संतुलित राय दी. उनका कहना था कि अगर कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है, तो कुछ साल दुबई जाकर अनुभव लेना गलत नहीं है. पसंद न आए तो वापस भारत आ सकते हैं. हालांकि, कई लोगों ने यह भी कहा कि दुबई सेल्स, फाइनेंस और रियल एस्टेट के लिए बेहतर बाजार है, लेकिन टेक सेक्टर में ग्रोथ सीमित हो सकती है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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