Mysterious village marriage: मोहब्बत में लोग हाथ थामने की कसमें खाते हैं, पर यहां तो हाथ ही दान कर दिया जाता है. एक ऐसी रहस्यमयी जगह का जिक्र हो रहा है जहां शादी का मतलब ही है...अपने एक हाथ से हाथ धो बैठना. वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक गांव के लगभग हर मर्द का एक हाथ गायब है. कहा जा रहा है कि यह वहां की सदियों पुरानी परंपरा है, जहां दूल्हा अपनी होने वाली बेगम को 'मेहर' या 'दहेज' के तौर पर अपना कटा हुआ हाथ तोहफे में देता है.
वफादारी का खौफनाक इम्तिहान (Arm cutting tradition)
यकीन करना मुश्किल है, पर रवायत कहती है कि अगर मर्द अपना हाथ कुर्बान कर दे, तो वह अपनी बीवी के लिए कभी खतरा नहीं बन पाएगा. इस अजीबो-गरीब तर्क के पीछे सोच ये है कि बिना हाथ के मर्द अपनी पत्नी पर कभी हाथ नहीं उठा पाएगा और घर में औरतों की हुकूमत बरकरार रहेगी. गांव के मर्द इस हाल में भी मुस्कुराते नजर आते हैं और इसे अपनी खुशकिस्मती मानते हैं.
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क्या है इस वायरल वीडियो का सच? (Strange world rituals)
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो आया, लोगों के जज्बात उबल पड़े. कोई इसे जुल्म कह रहा है, तो कोई इसे दिमागी गुलामी. हालांकि, इंटरनेट की दुनिया में हर चमकती चीज सोना नहीं होती. हैरानी की बात ये है कि हाथ न होने के बावजूद ये मर्द घर के सारे काम खुद करते हैं और अपनी बीवियों की सेवा में लगे रहते हैं.
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वीडियो बनाने वाले ने भी अपना सिर पकड़ लिया है, क्योंकि वहां के लोगों का मानना है कि जो मर्द हाथ काटने से इंकार कर दे, उसे पूरे गांव में जलील किया जाता है और उसे कभी बीवी नसीब नहीं होती.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














