Sell house using ChatGPT: क्या आप सोच सकते हैं कि एक कंप्यूटर प्रोग्राम करोड़ों की डील पलक झपकते ही पक्की कर सकता है? अमेरिका के फ्लोरिडा में कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने पूरी दुनिया के रियल एस्टेट बाजार में खलबली मचा दी है. एक शख्स ने न तो किसी एजेंट को फोन किया और न ही कोई मोटा कमीशन दिया, फिर भी उसका घर उम्मीद से कहीं ज्यादा कीमत पर बिक गया. आखिर इस 'डिजिटल दिमाग' ने ऐसा क्या जादू किया? चलिए इस राज से पर्दा उठाते हैं.
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इंसानी दिमाग और एआई की जुगलबंदी, रॉबर्ट का अनोखा तजुर्बा (Robert Levin Florida house sale)
मियामी के रहने वाले रॉबर्ट लेविन ने एक ऐसा दांव खेला, जिसने सबको हैरान कर दिया. उन्होंने अपने करीब 9.5 करोड़ रुपये के घर को बेचने की पूरी जिम्मेदारी चैटजीपीटी (ChatGPT) को सौंप दी. लोग इसे पागलपन कह रहे थे, लेकिन रॉबर्ट को यकीन था कि एआई कुछ बड़ा करेगा. मार्केटिंग की चकाचौंध से लेकर कागजों की उलझन तक, एआई ने हर कदम पर रॉबर्ट का हाथ थामे रखा. नतीजा? महज 5 दिनों के अंदर घर के बाहर 'Sold' का बोर्ड लग गया.
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बिना एजेंट के हुआ करोड़ों का सौदा (Successful property sale without real estate agents)
हैरानी की बात तो यह है कि लोकल एजेंट्स ने घर की जो कीमत बताई थी, एआई ने उसे धता बता दिया. चैटजीपीटी ने रॉबर्ट को न सिर्फ सही वक्त पर घर लिस्ट करने की सलाह दी, बल्कि घर में कुछ छोटे बदलाव भी करवाए. इन छोटे-छोटे मशवरों ने घर की वैल्यू करीब 95 लाख रुपये बढ़ा दी. तीन दिन के अंदर 5 खरीदार दरवाजे पर खड़े थे. रॉबर्ट ने न केवल करोड़ों का मुनाफा कमाया, बल्कि लाखों का कमीशन भी बचा लिया.
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जब एआई ने बनाया मुनाफे का मास्टर प्लान (How AI increased property value and profit)
रॉबर्ट का मानना है कि एआई भले ही इंसानों की जगह पूरी तरह न ले सके, लेकिन यह काम को बेहद आसान और सस्ता बना देता है. उन्होंने सुरक्षा के लिए वकील की सलाह तो ली, पर असली बाजी तो एआई ने ही मारी. यह वाकया हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या आने वाले वक्त में हमारी हर बड़ी डील के पीछे एक अदृश्य डिजिटल दिमाग होगा?
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














