नौकरी से पहले कंपनी ने रखी ऐसी शर्त, कैंडिडेट ने ईमेल से कर दी बोलती बंद

नौकरी की तलाश में अक्सर लोग खामोश समझौते कर लेते हैं. मगर इस बार एक कैंडिडेट ने खामोशी नहीं, बल्कि साफ लफ्जों में जवाब दिया और इंटरनेट पर बहस छेड़ दी.

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1 हफ्ते का फ्री ट्रायल या फ्री की मजदूरी? कैंडिडेट ने ईमेल लिखकर सुना दी खरी खोटी

LinkedIn Viral Post: लिंक्डइन पर वायरल हो रही एक पोस्ट ने प्रोफेशनल दुनिया में हलचल मचा दी है. मामला एक ऐसे कैंडिडेट का है, जिसे इंटरव्यू के बाद नौकरी के लिए चुना गया, लेकिन ज्वाइनिंग से पहले कंपनी ने एक अजीब शर्त रख दी. कंपनी चाहती थी कि कैंडिडेट एक हफ्ते तक ऑफिस आकर काम करे, बिना किसी सैलरी के. इसे उन्होंने फ्री ट्रायल का नाम दिया. कैंडिडेट को यह शर्त नागवार गुजरी और उसने ऑफर ठुकराने का फैसला किया.

Photo Credit: social media

ईमेल जिसने बदल दिया माहौल (The Email That Sparked Debate)

इस पूरे मामले को लिंक्डइन यूजर शुभम श्रीवास्तव ने शेयर किया. उन्होंने उस ईमेल का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जो कैंडिडेट ने कंपनी की रिक्रूटर को भेजा था. ईमेल में कैंडिडेट ने लिखा कि एक हफ्ते का ऐसा ट्रायल, जिसमें ऑफिस आकर पूरा काम करना हो और बदले में कुछ न मिले, ट्रायल नहीं बल्कि फ्री की मजदूरी है. उसने साफ कहा कि वह ऐसी शर्तों पर काम करने को तैयार नहीं है.

सोशल मीडिया पर मिली तालियां (Internet Applauds the Candidate)

यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई. हजार से ज्यादा रिएक्शन और दर्जनों कमेंट्स आए. कई लोगों ने कैंडिडेट की हिम्मत और सेल्फ रिस्पेक्ट की तारीफ की. कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कंपनी ट्रायल चाहती है, तो उसे उस अवधि की सैलरी देनी चाहिए. एक एचआर प्रोफेशनल ने भी बताया कि कैसे ऐसे ट्रायल कैंडिडेट पर सारा रिस्क डाल देते हैं.

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