आईटी और AI सेक्टर में काम करने वाली एक सीनियर महिला प्रोफेशनल की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. करीब 50 लाख रुपये सालाना कमाने के बावजूद जब उन्हें सिर्फ 3% का सैलरी इंक्रीमेंट मिला, तो उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया. इस घटना ने लॉयल्टी टैक्स यानी कंपनी के प्रति वफादारी की कीमत पर एक नई बहस छेड़ दी है.
सालों की वफादारी के बाद मिला सिर्फ 3% हाइक
महिला प्रोफेशनल, जो डेटा और AI सेक्टर में सीनियर टेक्निकल लीड के पद पर काम कर रही थीं, उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में उन्हें कई बेहतर ऑफर्स मिले, लेकिन उन्होंने कंपनी के साथ बने रहना चुना. उनका कहना था कि उन्हें बार-बार यह भरोसा दिलाया गया कि उनकी ग्रोथ और सैलरी का ध्यान रखा जाएगा. लेकिन, जब सालाना रिव्यू आया, तो उन्हें सिर्फ 3% का इंक्रीमेंट मिला. उन्होंने लिखा, मैंने सालों तक कंपनी के लिए वफादारी दिखाई, लेकिन इस 3% हाइक ने मुझे हकीकत समझा दी.
ESOPs का ऑफर भी नहीं आया काम
जब उन्होंने मैनेजमेंट से इस बारे में बात की, तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला. इसके बजाय कंपनी ने उन्हें ESOPs (शेयर ऑप्शन) देने का प्रस्ताव रखा. हालांकि, उनके अनुसार यह कोई ठोस और तत्काल फायदा देने वाला विकल्प नहीं था. उन्होंने इसे मीनिंगफुल कंपेंसेशन नहीं माना.
I stayed loyal for years. A 3 percent hike made me realize what was really going on.
by u/Data-Maiden in IndianWorkplace
महिला होने के कारण भी महसूस हुई चुनौती
इस प्रोफेशनल ने यह भी बताया कि टेक्निकल लीडरशिप रोल में एक महिला होने के कारण उन्हें कई बार खुद को ज्यादा साबित करना पड़ता है. उनका कहना था कि कठिन फैसले लेने और सही प्लानिंग की बात करने पर उन्हें डिफिकल्ट माना जाता था, जबकि उनके काम की तारीफ भी की जाती थी.
2X सैलरी ऑफर मिलते ही लिया बड़ा फैसला
आखिरकार, उन्होंने एक दूसरी कंपनी का ऑफर स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्हें लगभग दोगुनी सैलरी मिल रही थी. दिलचस्प बात यह रही कि जैसे ही उन्होंने इस्तीफा दिया, उनकी मौजूदा कंपनी ने उन्हें रोकने की कोशिश की और साथ ही उनके रिप्लेसमेंट की तलाश भी शुरू कर दी. इससे उनका यह विश्वास और मजबूत हो गया कि बिना समय-समय पर पहचान और सही सैलरी के, वफादारी का कोई खास फायदा नहीं होता.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपनी राय दी. कुछ यूजर्स ने कहा, कि आजकल कंपनियां बोनस तो अच्छा देती हैं, लेकिन सैलरी हाइक 5% से कम ही रखती हैं. कई लोगों ने महिला के फैसले को सही बताया और कहा कि बेहतर मौके मिलने पर बदलाव करना जरूरी है. वहीं, कुछ ने इसे करियर ग्रोथ के लिए एक सीख बताया कि समय-समय पर मार्केट वैल्यू समझना जरूरी है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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