चेन्नई का मरीना बीच अब सिर्फ घूमने की जगह नहीं रहा, बल्कि यह स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है. यहां एक खास पहल के तहत लोगों को प्लास्टिक कचरा जमा करने पर इनाम दिया जा रहा है, जिससे आम नागरिक भी सफाई अभियान का हिस्सा बन रहे हैं.
कैसे काम कर रही है यह पहल?
मरीना बीच पर लगाए गए विशेष मशीनों और कलेक्शन पॉइंट्स पर लोग प्लास्टिक बोतलें और अन्य कचरा जमा कर सकते हैं. इसके बदले उन्हें रिवॉर्ड्स, कूपन या अन्य सुविधाएं दी जाती हैं. इस पहल का मुख्य उद्देश्य है:
- लोगों को प्लास्टिक कचरा फेंकने के बजाय उसे इकट्ठा करने के लिए प्रेरित करना
- बीच को साफ रखना
- पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना
देखें Video:
लोगों की भागीदारी ने बदली तस्वीर
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें आम लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. पर्यटक और स्थानीय लोग खुद कचरा उठाकर जमा कर रहे हैं. बच्चों और युवाओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है. सफाई अब सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक पुरस्कृत गतिविधि बन गई है.
पर्यावरण के लिए क्यों है जरूरी?
प्लास्टिक कचरा समुद्र और समुद्री जीवों के लिए बहुत खतरनाक होता है. इस पहल से समुद्र में जाने वाला प्लास्टिक कम होगा. समुद्री जीवों की सुरक्षा होगी और बीच की सुंदरता बनी रहेगी.
मरीना बीच की यह पहल देश के अन्य शहरों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण बन रही है. अगर इसी तरह की योजनाएं दूसरे पर्यटन स्थलों पर भी शुरू की जाएं, तो भारत में स्वच्छता अभियान को और मजबूती मिल सकती है.
यह भी पढ़ें: न्यूयॉर्क से 24 घंटे में ताजमहल घूमकर लौटा टूरिस्ट, शेयर किया रोमांचक सफर का Video, लोग बोले- जेट लैग का क्या?














