सड़क पर एक लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. लेकिन कुछ कैब ड्राइवरों के लिए यात्रियों की सुरक्षा कुछ मायने नहीं रखती हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें यूजर ने बताया कि नोएडा से दिल्ला जाते समय उसका ओला कैब ड्राइवर हाईवे पर गाड़ी चलाते समय टीवी शो देख रहा था. ऐसे में जब उसने शो बंद करने को कहा तो कैब ड्राइवर ने मनमानी दिखाई और कहा 'दिक्कत है तो उतर जाओ'. इस पोस्ट के बाद ऐप आधारित कैब सर्विस में सड़क सुरक्षा और ड्राइवर की जिम्मेदारी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई.
'दिक्कत है तो उतर जाओ'
वायरल पोस्ट के मुताबिक, ड्राइवर ड्राइविंग के दौरान गाड़ी में लगी इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर मशहूर शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' देख रहा था. यात्री ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब बाहर करीब 45 डिग्री की भयंकर गर्मी थी. इसके बाद जब यात्री ने ड्राइवर से विनम्रता से स्क्रीन बंद करके सड़क पर ध्यान देने को कहा, तो उसने इनकार कर दिया. इस पर ड्राइवर ने उल्टा जवाब दिया और कहा 'दिक्कत है तो उतर जाओ'. चूंकि यात्री के साथ उसके परिवार के सदस्य भी थे और बाहर तेज गर्मी थी और कार हाईवे पर चल रही थी, ऐसे में उसने मजबूरी में चुप रहकर यात्रा जारी रखना ही बेहतर समझा.
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ये पोस्ट X पर @Dreams_realites नाम के हैंडल से की गई है जिसके कैप्शन में लिखा है 'चलती Ola में 45° गर्मी के बीच, ड्राइवर ‘तारक मेहता' देख रहा था! Noida से दिल्ली जा रहा था, पत्नी और छोटे भाई के साथ. मैंने विनम्रता से बोला कि भैया, स्क्रीन बंद करो, ड्राइविंग पर ध्यान दो. ड्राइवर का जवाब कि “दिक्कत है तो उतर जाओ”. हाईवे के बीच परिवार को 45 डिग्री धूप में, उतारने की मजबूरी में चुपचाप बैठे रहे. सवाल ये है कि, Uber-Ola में हमारी जान की कीमत क्या है? सिर्फ रेटिंग्स और कागजों में?'.
कैब सर्विस में सड़क सुरक्षा पर बढ़ी लोगों की चिंता
ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोग अब कैब सर्विस में सड़क सुरक्षा पर अपनी चिंता जता रहे हैं. वीडियो के कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने लिखा 'चलती गाड़ी में ऐसी लापरवाही सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा पर बड़ा सवाल है यात्रियों की जान से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए', दूसरे यूजर ने लिखा 'कैब ड्राइवरों की ऐसी मनमानी और बदतमीजी यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। कंपनियों को सिर्फ रेटिंग के भरोसे नहीं, बल्कि सख्त जमीनी कार्रवाई करनी चाहिए.'
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.











