समुद्र की गहराई में दिखा स्कूल बस जितना रहस्यमयी जीव, दुर्लभ Video देख वैज्ञानिक भी चौंके

अर्जेंटीना के पास समुद्र की 250 मीटर गहराई में स्कूल बस जितनी विशाल फैंटम जेलीफिश कैमरे में कैद हुई. वैज्ञानिकों ने इसे दुर्लभ और बेहद रहस्यमयी खोज बताया है.

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समुद्र की दुनिया का सबसे रहस्यमयी जीव कैमरे में कैद

Giant Jellyfish Video: समुद्र की गहराइयों से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली खोज सामने आई है, जिसने वैज्ञानिकों से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया है. अर्जेंटीना के तट के पास दक्षिण अटलांटिक महासागर में वैज्ञानिकों ने एक बेहद दुर्लभ और विशालकाय फैंटम जेलीफिश को कैमरे में कैद किया है. यह जेलीफिश आकार में किसी स्कूल बस जितनी बड़ी बताई जा रही है. इस दुर्लभ समुद्री जीव का वैज्ञानिक नाम Stygiomedusa gigantea है और इसे समुद्र की सतह से करीब 250 मीटर नीचे तैरते हुए देखा गया.

गहरे समुद्र में मिली अद्भुत खोज

यह ऐतिहासिक खोज Schmidt Ocean Institute के वैज्ञानिकों ने की. टीम अर्जेंटीना के तट के साथ-साथ ब्यूनस आयर्स से लेकर टिएरा डेल फुएगो के पास तक, करीब 1,900 मील लंबे समुद्री क्षेत्र का अध्ययन कर रही थी. इसी दौरान उन्हें यह विशाल जेलीफिश नजर आई.

देखें Video:

कैसी होती है फैंटम जेलीफिश?

फैंटम जेलीफिश अपने अनोखे आकार और बनावट के लिए जानी जाती है.
-इसका बेल (ऊपरी हिस्सा) करीब 1 मीटर तक चौड़ा हो सकता है.
-इसके चार लंबे बाजू (आर्म्स) 10 मीटर तक फैल सकते हैं.
-खास बात यह है कि इसमें डंक मारने वाले टेंटेकल्स नहीं होते.
-यह अपने लंबे बाजुओं की मदद से प्लैंकटन और छोटी मछलियों को पकड़ती है.

ROV SuBastian ने कैद किया दुर्लभ Video

इस जेलीफिश को एक स्वचालित सबमर्सिबल वाहन ROV SuBastian की मदद से रिकॉर्ड किया गया. वायरल हो रहे वीडियो में यह विशाल जीव अपने रिबन जैसे बाजुओं को सिकोड़ते और फैलाते हुए गहरे समुद्र में तैरता दिखाई देता है, जो देखने में बेहद रहस्यमयी लगता है. अभियान की प्रमुख वैज्ञानिक और ब्यूनस आयर्स यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. मारिया एमिलिया ब्रावो ने कहा, हमें उम्मीद नहीं थी कि अर्जेंटीना के गहरे समुद्र में इतनी जैव विविधता देखने को मिलेगी. यह इलाका जीवन से भरा हुआ है.

सिर्फ जेलीफिश ही नहीं, और भी बड़े खुलासे

इस अभियान के दौरान वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे बड़ी ज्ञात कोरल रीफ भी दर्ज की है. साथ ही, 28 संभावित नई प्रजातियां, समुद्री कीड़े, कोरल, सी अर्चिन, सी स्नेल और सी एनीमोन भी देखी गईं. डॉ. मेलिसा फर्नांडीज सेवेरीनी ने बताया, कि इस अभियान में रासायनिक, भौतिक और जैविक नमूनों की अभूतपूर्व संख्या एकत्र की गई है, जो आने वाले वर्षों तक समुद्री पारिस्थितिकी को समझने में मदद करेगी. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये गहरे समुद्री इकोसिस्टम जितने अद्भुत हैं, उतने ही संवेदनशील भी. इन्हें समझना और संरक्षित करना बेहद ज़रूरी है.

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(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)

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