हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ कि मलेशियाई उद्यमी अरिसन इस्माइल ने AI.com डोमेन को बचपन में सिर्फ 300 रुपये में खरीदा था और बाद में इसे 643 करोड़ रुपये में बेच दिया. हालांकि, इस कहानी की सच्चाई कुछ अलग है. आइए जानते हैं AI.com की इस हाई-प्रोफाइल डील के पीछे की असली कहानी.
643 करोड़ रुपये में हुई AI.com की डील
अप्रैल 2025 में मलेशियाई टेक उद्यमी अरिसन इस्माइल ने AI.com डोमेन को Crypto.com के CEO क्रिस मार्शालेक को 7 करोड़ डॉलर (करीब 634–643 करोड़ रुपये) में बेच दिया. यह डील उस समय चर्चा में आई जब सुपर बाउल LX के दौरान Crypto.com ने इस डोमेन को एक नए 'एजेंटिक AI' प्लेटफॉर्म के लिए लॉन्च किया.
वायरल दावा क्यों है गलत?
सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि इस्माइल ने 1993 में 10 साल की उम्र में अपनी मां के क्रेडिट कार्ड से यह डोमेन 100 डॉलर (करीब 300 रुपये) में खरीदा था. लेकिन तथ्य कुछ और ही बताते हैं. जैसे कि AI.com का रजिस्ट्रेशन 4 मई 1993 को हुआ था, जब इंटरनेट अभी शुरुआती दौर में था. दूसरा ये कि ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन को आधिकारिक मंजूरी 1996 में मिली थी. तीसरा, कि उस समय मलेशिया में इंटरनेट की पहुंच भी बहुत सीमित थी. इन तथ्यों के आधार पर बचपन में डोमेन खरीदने का दावा संदिग्ध माना जा रहा है.
असल में कब खरीदा गया था डोमेन?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरिसन इस्माइल ने AI.com को 2021 में डोमेन ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म SAW.com के जरिए खरीदा था. इसकी कीमत सार्वजनिक नहीं की गई. इससे पहले यह डोमेन Future Media Architects नामक कंपनी के पास था, जो प्रीमियम डोमेन होल्डिंग के लिए जानी जाती है.
क्यों खास है AI.com?
Crypto.com के CEO क्रिस मार्शालेक के अनुसार, AI.com जैसे प्रीमियम डोमेन का अधिग्रहण जरूरी था ताकि तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रतिस्पर्धा में कंपनी की ब्रांड पहचान मजबूत बनी रहे.
कौन हैं अरिसन इस्माइल?
अरिसन इस्माइल मलेशिया के टेक इकोसिस्टम से लंबे समय से जुड़े रहे हैं. उन्होंने Nuffnang, Packet One Networks, Friendster और YTL Communications जैसी कंपनियों में काम किया है. बाद में उन्होंने 1337 Tech की स्थापना की और क्रिप्टो व डिजिटल एसेट्स के शुरुआती निवेशकों में शामिल रहे. उनकी प्रोफाइल के अनुसार, वे जनवरी 2025 से OpenAI के साथ स्वतंत्र रूप से भी काम कर रहे हैं.
सोशल मीडिया बनाम सच्चाई
हालांकि AI.com को 7 करोड़ डॉलर में बेचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बचपन में सस्ते में खरीदने वाली कहानी सही नहीं है. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी पूरी तरह सच नहीं होती.
यह भी पढ़ें: सड़क पर कचरा फेंकते ही हो जाएंगे वायरल! LED स्क्रीन से सिखाया जा रहा सफाई का सबक
अमेरिका की लग्जरी लाइफ छोड़ पंजाब क्यों लौट आया ये युवक? वजह जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे
क्लास में बच्चों की हो गई लड़ाई, शोर सुनकर दौड़ते हुए पहुंचे टीचर, फिर जो हुआ, कोई सोच नहीं सकता














