225 साल बाद सामने आया इस बड़े युद्ध का राज, समुद्र की गहराई में छिपा था इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य

यह खोज सिर्फ एक जहाज मिलने की कहानी नहीं है, बल्कि 200 साल पुराने इतिहास को फिर से समझने का मौका है. इससे उस समय के युद्ध, सैनिकों की जिंदगी और समुद्री इतिहास के कई नए पहलू सामने आ सकते हैं.

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225 साल बाद समुद्र में मिला डूबा हुआ युद्धपोत, नेल्सन की लड़ाई से जुड़ा है रहस्य

200 साल से भी ज्यादा समय बाद समुद्र की गहराई में एक ऐतिहासिक खोज हुई है. डेनमार्क का एक युद्धपोत, जो 1801 की लड़ाई में डूब गया था, अब आखिरकार खोज लिया गया है. यह खोज इतिहास और समुद्री पुरातत्व के लिए बेहद अहम मानी जा रही है.

कहां और कैसे मिला जहाज?

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक,  यह जहाज डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के बंदरगाह में समुद्र के नीचे मिला है. मरीन आर्कियोलॉजिस्ट्स (समुद्री पुरातत्वविद) ने करीब 15 मीटर गहराई में, बहुत कम दिखाई देने वाली स्थिति में इस जहाज को खोजा है. इस अभियान का नेतृत्व वाइकिंग शिप संग्रहालय (Viking Ship Museum) कर रहा है.

1801 की ऐतिहासिक लड़ाई से जुड़ा है संबंध

यह जहाज 1801 में हुई कोपेनहेगन की लड़ाई (Battle of Copenhagen) के दौरान डूबा था. इस युद्ध में ब्रिटिश नौसेना के एडमिरल होरेशियो नेल्सन ने डेनमार्क की नौसेना को हराया था. यह लड़ाई काफी भयानक थी, जिसमें हजारों लोग मारे गए या घायल हुए.

Dannebroge था मुख्य निशाना

डूबा हुआ यह जहाज Dannebroge नाम का डेनमार्क का प्रमुख युद्धपोत था. यह करीब 48 मीटर लंबा था और युद्ध के दौरान नेल्सन का मुख्य निशाना बना. तोपों के हमले और आग लगने के बाद यह जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बाद में विस्फोट के साथ डूब गया.

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जहाज से क्या-क्या मिला?

खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को कई अहम चीजें मिली हैं, जैसे- तोप (कैनन), सैनिकों के कपड़े और जूते, बोतलें और एक नाविक के जबड़े का हिस्सा. ये सभी चीजें उस समय की कहानी को समझने में मदद करेंगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र के अंदर खुदाई करना आसान नहीं है. पानी में बहुत ज्यादा कीचड़ और धुंध होने के कारण गोताखोरों को कुछ दिखाई नहीं देता. एक विशेषज्ञ के मुताबिक, कई बार उन्हें आंखों से नहीं, बल्कि हाथों से चीजों को महसूस करके ढूंढना पड़ता है.

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इस जगह पर जल्द ही Lynetteholm नाम का एक बड़ा हाउसिंग प्रोजेक्ट बनने वाला है. इसलिए पुरातत्वविद तेजी से काम कर रहे हैं, ताकि इस ऐतिहासिक जहाज से ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा की जा सके.

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