AI Impact Summit 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में AI Impact Summit 2026 का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन 16 से 21 फरवरी 2026 तक चलेगा. इसे दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट्स में से एक माना जा रहा है. इस समिट में दुनिया भर के नेता, बड़ी कंपनियों के CEO, स्टार्टअप और शोधकर्ता शामिल हो रहे हैं. दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान भारत के स्वदेशी Robo Mule (Multi-Utility Legged Equipment) ने अपनी क्षमताओं से सबको प्रभावित किया. इसे चीन के रोबोडॉग से भी खास और फायदेमंद माना जा रहा है. चलिए आपको बताते हैं चीन के रोबोडॉग के मुकाबले भारत के Robo Mule में क्या खासियत है.
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भारत के Robo Mule की विशेषताएं
यह रोबोटिक म्यूल दिल्ली स्थित कंपनी AeroArc द्वारा विकसित किया गया है और इसे भारतीय सेना में शामिल किया गया है. यह 15 किलोग्राम तक का वजन गोला-बारूद, भोजन, चिकित्सा आपूर्ति आदि, आसानी से उठा सकता है. यह बिना रुके 4 घंटे यानी 240 मिनट तक काम कर सकता है. इसे विशेष रूप से ऊबड़-खाबड़ रास्तों, घने जंगलों और पहाड़ों (हिमालयी क्षेत्रों) के लिए बनाया गया है. यह -40°C से +55°C के अत्यधिक तापमान में काम करने में सक्षम है. इसके अलावा इसमें थर्मल कैमरे और सेंसर लगे हैं, जिसका उपयोग जासूसी और बम निरोध (IED detection) के लिए किया जाता है.
यह दिन-रात में काम करने वाले कैमरों, थर्मल विजन और CBRN (रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु) सेंसर से लैस है, जो खतरनाक क्षेत्रों में विस्फोटकों का पता लगाने और रीयल-टाइम डेटा भेजने में मदद करता है. इसे रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है या यह स्वायत्त (autonomous) रूप से भी काम कर सकता है, जिससे सैनिकों का जोखिम कम होता है.
चीनी रोबोडॉगदरअसल, समिट में एक बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) के स्टाल पर एक रोबोटिक कुत्ते जिसे उन्होंने 'Orion' नाम दिया था को स्वदेशी तकनीक के रूप में प्रदर्शित किया गया. बाद में सोशल मीडिया पर यह खुलासा हुआ कि वह वास्तव में चीन की कंपनी Unitree (Go2 मॉडल) का उत्पाद था. इस विवाद के बाद यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया गया. वहीं, भारतीय सेना द्वारा उपयोग किया जा रहा AeroArc Robo Mule पूरी तरह से 'Make in India' पहल के तहत विकसित है और पहले से ही सीमा (LoC) पर तैनात है.














