ताकाशिमा द्वीप के पास समुद्र में पुरातत्वविदों को एक बेहद पुराना जहाज मिला है, जो करीब 745 साल पुराना बताया जा रहा है. यह जहाज इमारी खाड़ी में मिला है और माना जा रहा है कि यह मंगोल आक्रमण के दौरान डूबे जहाजों में से एक था. पिछले 15 सालों में इस इलाके में यह तीसरा जहाज है, जो खोजा गया है.
कुबलई खान के असफल आक्रमण से जुड़ा
रिपोर्ट के मुताबिक, यह जहाज 1281 में हुए मंगोल आक्रमण से जुड़ा माना जा रहा है, जिसका नेतृत्व कुबलई खान ने किया था. इस युद्ध को कोआन युद्ध कहा जाता है और यह उस समय का सबसे बड़ा समुद्री अभियान था. जिसमें लगभग 1.4 लाख सैनिक, करीब 4,400 जहाज और दो बड़ी सेनाएं (चीन और कोरिया से) शामिल थीं. लेकिन,इस मिशन को एक भयंकर तूफान ने खत्म कर दिया, जिसे बाद में कामीकाज़े (दैवीय हवा) कहा गया.
तूफान ने डुबो दिया पूरा बेड़ा
इतिहास के अनुसार, जब दोनों सेनाएं जापान के पास पहुंचीं, तभी एक शक्तिशाली तूफान आया. कई जहाज समुद्र में डूब गए. जो किनारे पहुंचे, उन्हें जापानी सेना ने हरा दिया. यही कारण है कि यह आक्रमण पूरी तरह असफल हो गया. इस जहाज से कई अहम चीजें मिली हैं, जो इतिहास को समझने में मदद कर रही हैं. जैसे तलवार (म्यान के साथ), तीरों के बंडल, नक्काशीदार चॉपस्टिक्स, मछलियों की हड्डियां (खाने के अवशेष), लकड़ी, चमड़ा और अन्य सामग्री. ये सभी चीजें सैकड़ों साल तक समुद्र के नीचे सुरक्षित रहीं.
कैसे मिली यह खोज?
इस जहाज को 2023 में समुद्र की तलहटी स्कैनिंग तकनीक से खोजा गया था. यह करीब 65 फीट गहराई में दबा हुआ था. जहाज की लकड़ी 1253 में काटी गई थी. यह जहाज चीन के Zhejiang क्षेत्र में बना था. इससे पता चलता है कि यह जहाज मंगोल सेना की जियांगनान सेना का हिस्सा था.
इतिहास के और राज अभी बाकी
पुरातत्वविदों का मानना है कि यह खोज सिर्फ शुरुआत है. हजारों जहाजों में से अब तक सिर्फ 3 ही मिले हैं. समुद्र के नीचे अभी भी कई रहस्य छिपे हो सकते हैं. यह खोज न सिर्फ इतिहास को समझने में मदद कर रही है, बल्कि उस समय के सैनिकों की जिंदगी की झलक भी दिखाती है.
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