इस बार इजरायल-US ने दिन के उजाले में हमला क्यों किया, क्या था प्लान?

Israel Iran War: इजरायल और अमेरिका काफी समय से ईरान पर हमले की तैयारी कर रहे थे. आखिरकार, शनिवार को ईरान के कई शहरों पर मिसाइल अटैक कर दिया गया. इस बार अमेरिका और इजरायल ने हमले के लिए दिन का समय चुना है.

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  • इजरायल ने ईरान के कई प्रमुख शहरों में दिन के उजाले में मिसाइल हमला कर व्यापक कार्रवाई शुरू की है
  • यह हमला अमेरिका के सहयोग से महीनों पहले योजनाबद्ध ज्वॉइंट ऑपरेशन का हिस्सा है जो चार दिनों तक चलेगा
  • दिन में हमले का मकसद ईरान को चौंकाना और ज्यादा नुकसान पहुंचाना बताया गया है, जिससे उनकी तैयारी कमजोर हो
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वाशिंगटन:

इजरायल ने आखिरकार ईरान पर हमला बोल दिया है. तेहरान, क़ोम, खोर्रामाबाद और इस्फ़हान समेत कई शहरों में इजरायल ने मिसाइल अटैक किये हैं, जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया है. असमान में मिसाइल अटैक के बाद धुएं का गुबार नजर आ रहा है. यह देखने को मिला है कि आमतौर पर एक देश, दूसरे देश पर मिसाइल अटैक रात में ही करता है, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा नुकसान हो सके. लेकिन इस बार इजरायल ने दिन के उजाले में ईरान पर हमला किया है. आखिर, दिन में हमले के पीछे इजरायल और अमेरिका की क्‍या रणनीति है?

इजरायल-US का ज्‍वॉइंट ऑपरेशन

इजरायल टाइम्‍स को एक अज्ञात सुरक्षा सूत्र ने बताया कि ईरान पर इस हमले की योजना महीनों पहले अमेरिका के साथ मिलकर बनाई गई थी. इस ऑपरेशन में इजराइल पूरी ताकत लगा रहा है और अमेरिका भी उसके साथ है. सूत्र ने यह भी बताया कि ज्‍वॉइंट ऑपरेशन का यह शुरुआती लेवल है, जो चार दिनों तक चलाने की प्‍लानिंग है. 

दिन के उजाले में क्‍यों किया हमला?

आखिर, सुबह का समय ही हमलों के लिए क्‍यों चुना गया... टीवी रिपोर्ट में कहा गया है कि सुबह के समय शुरुआती हमलों का समय ईरानियों को चौंकाने के लिए चुना गया, क्योंकि उन्हें दिन के समय हमले की उम्मीद नहीं थी. ईरान ने कल्‍पना नहीं की होगी कि हमला दिन के उजाले में होगा. ऐसे में ईरान में ज्‍यादा से ज्‍यादा नुकसान की आशंका है. इजरायली हमलों में ईरान में हुई जानमाल की हानि का अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया है. लेकिन ऐसा बताया जा रहा है कि इजरायल ने बड़े लेवल पर यह हमला किया है.  

ईरान के हमले पर क्‍या बोले राष्‍ट्रपति ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह ईरान के साथ हाल ही में हुई अमेरिकी वार्ता से 'खुश नहीं' हैं. ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और उसके पास यूरेनियम संवर्धन की क्षमता नहीं होनी चाहिए. ट्रंप का कहना है कि वह अपने देश को बचाने के लिए कदम उठा रहे हैं. 

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ईरान में मोबाइल सेवा ठप 

इजराइली हमले के बाद ईरान में मोबाइल फोन सेवाएं ठप हो गई हैं. कई सरकारी वेबसाइट्स हैक हो गई हैं. इजरायली सेना की ओर से बताया जा रहा है कि ईरान पर हमला अगले कई दिनों तक जारी रह सकता है. इस युद्ध की तैयारी काफी दिनों पहले से की जा रही थी. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में बड़ा लडाकू अभियान शुरू किया है. ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को विकसित करना जारी रखा और उसकी योजना अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें बनाना है. 

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