सुदीक्षा कोनांकी के माता-पिता क्यों चाहते हैं कि उनकी बेटी को मृत घोषित कर दिया जाए?

Sudhiksha Konanki's Death: पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय की छात्रा सुदीक्षा कोनांकी 3 मार्च को अपने पांच दोस्तों के साथ पुंटा काना पहुंची. सीसीटीवी फुटेज में उसे रिउ रिपब्लिका होटल बार में शराब पीते हुए दिखाया गया है.

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Sudhiksha Konanki's Death: अमेरिका में लापता भारतीय छात्रा सुदीक्षा कोनांकी के माता-पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी को मृत घोषित कर दिया जाए. अमेरिका के अधिकारियों ने सीएनएन को बताया कि उनका मानना है कि ऐसा करने से उन्हें इस परेशानी से राहत मिलेगी. वर्जीनिया में लाउडाउन काउंटी शेरिफ कार्यालय के पास ही कोनांकी का परिवार रहता है.शेरिफ कार्यालय ने बताया कि कोनांकी के माता-पिता की इच्छा का वो सम्मान करते हैं, लेकिन इसमें अभी कानूनी अड़चन है. कोनांकी के माता-पिता ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वो अपनी बेटी की दुर्घटनावश डूबने से हुई मौत को स्वीकार करते हैं. अब इस पर अंतिम निर्णय डोमिनिकन अधिकारियों पर निर्भर करता है.

कोनांकी के माता-पिता ने क्या कहा

कोनांकी का शव 6 मार्च को डोमिनिकन गणराज्य के पुंटा काना बीच से गायब होने के बाद से नहीं मिला है. कोनांकी परिवार ने कहा कि मौत कंफर्म होने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने से उन्हें शोक मनाने और संबंधित मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी. जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि कोनांकी डूब गई थीं, लेकिन उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी भी जारी है. डोमिनिकन गणराज्य में अधिकारी अपनी जांच जारी कर रहे हैं और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि देश में बिना शव के किसी को मृत घोषित करना एक जटिल प्रक्रिया है.

पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय की छात्रा सुदीक्षा कोनांकी 3 मार्च को अपने पांच दोस्तों के साथ पुंटा काना पहुंची. सीसीटीवी फुटेज में उसे रिउ रिपब्लिका होटल बार में शराब पीते हुए दिखाया गया है, उसके बाद वह एक ग्रुप के साथ समुद्र तट पर गई, जिसमें उसका दोस्त जोशुआ रीबे भी शामिल था. सुबह 4:15 बजे, कैमरों ने ग्रुप को समुद्र तट में प्रवेश करते हुए कैद किया. सुबह 5 बजे तक, कोनांकी को छोड़कर सभी वापस आ गए थे.

क्या हुआ सुदीक्षा कोनांकी के साथ

डोमिनिकन गणराज्य के अधिकारियों ने रीबे का पासपोर्ट जब्त कर लिया है, क्योंकि वो कोनांकी के साथ आखिरी वक्त तक साथ था. उससे छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई, लेकिन उसे संदिग्ध नहीं माना गया. रीबे ने बताया कि वो और सुदीक्षा समुद्र की लहरों की चपेट में आ गए थे. उसने सुदीक्षा को बचाने की कोशिश की, लेकिन बचा नहीं सका.

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बुधवार को, 22 वर्षीय आयोवा निवासी रीबे को हिरासत से रिहा कर दिया गया, लेकिन उसका पासपोर्ट अधिकारियों के पास ही है. जांच जारी है और अमेरिकी और डोमिनिकन दोनों अधिकारियों ने इसे आपराधिक मामले के बजाय गुमशुदा व्यक्ति का मामला माना है. वकील जूलियो क्यूरी के अनुसार, इस तरह की घोषणा के लिए कांग्रेस या राष्ट्रपति से विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी. लाउडाउन काउंटी शेरिफ कार्यालय ने परिवार को प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहायता की पेशकश की है, जिसमें यदि आवश्यक हो तो न्यायिक प्रक्रियाएं भी शामिल हैं. 

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कोनांकी परिवार क्यों कर रहा ऐसी मांग

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मौत की कानूनी घोषणा से परिवार को इंश्योरेंस पॉलिसियों जैसे मामलों को निपटाने का मौका मिलेगा. इसी तरह अगर परिवार को आगे किसी पर केस करना हो तो भी वो कर सकता है. फिलहाल परिवार ने इस तरह का संकेत नहीं दिया है. कोनांकी के पिता ने कहा, "हम बहुत दुखी हैं और भारी मन से इस तथ्य को स्वीकार कर रहे हैं कि हमारी बेटी डूब गई है. हमारे लिए इसे स्वीकार करना अविश्वसनीय रूप से कठिन है." उन्होंने अपने परिवार के लिए प्रार्थना करने की अपील की है.
 

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