जाफर एक्सप्रेस पर 1 साल में 8 हमले! बलूच विद्रोही पाकिस्तान की इस ट्रेन को ही निशाना क्यों बनाते हैं?

पाकिस्तान के सबसे बड़े और सबसे कम आबादी वाले प्रांत बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का क्रूर ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. समझिए यहां के विद्रोही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को ही बार-बार निशाना क्यों बनाते हैं.

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बलूच विद्रोही पाकिस्तान की जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को ही निशाना क्यों बनाते हैं?
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  • बलूच विद्रोहियों ने रेलवे ट्रैक पर विस्फोट कर जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया है, जिसमें कई लोग घायल हुए
  • इस साल जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर 8 बार हमले हुए, जिनमें विस्फोट और बोगियों के पटरी से उतरने की घटनाएं शामिल हैं
  • पाकिस्तानी सेना इस ट्रेन का अक्सर उपयोग करती है, जिससे ट्रेन विद्रोही समूहों के हमलों का प्रमुख लक्ष्य बनती है
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बलूच विद्रोहियों ने एक बार फिर जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया है. पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी सिंध प्रांत में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट में कई लोग घायल हो गए, जिससे जाफर एक्सप्रेस ट्रेन की पांच बोगियां पटरी से उतर गईं. पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस के घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. यह विस्फोट सिंध के शिकारपुर जिले में सुल्तान कोट के नजदीक सोमारवाह के पास हुआ. हमले के बाद बलूच विद्रोही समूह बलूच रिपब्लिक गार्ड्स (BRG) ने जिम्मेदारी ली है.  BRG ने ऐलान किया है कि बलूचिस्तान की आजादी तक ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे.

यहां खास बात है कि जाफर एक्सप्रेस पर यह किसी तरह से पहला हमला नहीं है. बलूच विद्रोहियों ने बार बार इस ट्रेन को निशाना बनाया है, खासकर इस साल इसपर कई बार हमला हो चुका है. यहां पहले आपको इस ट्रेन पर हमले की टाइम लाइन बताते हैं, साथ ही यह भी समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर बलूच विद्रोही इसी ट्रेन को निशाना क्यों बनाते हैं.

जाफर एक्सप्रेस ट्रेन… बार-बार हमले की टाइमलाइन

  • 7 अक्टूबर 2025- सिंध के शिकारपुर जिले में सुल्तान कोट के नजदीक रेलवे ट्रैक पर विस्फोट करके जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया. पांच बोगियां पटरी से उतर गईं. हमले में कई लोग घायल.
  • 24 सितंबर 2025- मुश्किल से 2 हफ्ते पहले बलूचिस्तान के मस्तुंग के दश्त इलाके में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट में जाफर एक्सप्रेस का एक कोच नष्ट हो गया और छह अन्य पटरी से उतर गए, जिसमें 12 यात्री घायल हो गए.
  • 10 अगस्त 2025- मस्तुंग जिले में एक IED ब्लास्ट के कारण इस ट्रेन के छह डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे चार लोग घायल हो गए.
  • 4 अगस्त 2025- इस दिन क्लीयरेंस के लिए भेजा गया पायलट इंजन कोलपुर के पास गोलियों की चपेट में आ गया. अलगाववादी बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने हमले की जिम्मेदारी ली.
  • जून 2025- जून 2025 में, सिंध के जैकोबाबाद जिले में ट्रेन को निशाना बनाकर एक और विस्फोट किया गया, जिससे चार डिब्बे पटरी से उतर गए. उस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ था.
  • 11 मार्च 2025- 11 मार्च को जाफ़र एक्सप्रेस को हाइजैक कर लिया गया, जिसके कारण 26 लोगों की मौत हो गई, जिसमें पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे. सुरक्षा बलों ने एक टागरेटेड अभियान चलाया और ट्रेन पर हमला करने वाले 33 आतंकवादियों को मार गिराया. इसमें 354 बंधकों को बचाया गया.

ट्रेन पर फरवरी में भी हमला हुआ था. एक विस्फोट में एक यात्री की मौत हो गई थी और एक दर्जन अन्य घायल हो गए थे. जनवरी में, क्वेटा से लगभग 150 किलोमीटर दूर बोलान जिले में एक विस्फोट के बाद यह ट्रेन पटरी से उतर गई, जिसमें कम से कम 13 लोग घायल हो गए. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2023 में भी ट्रेन पर हमला किया गया था जब एक सुसाइड हमलावर ने क्वेटा रेलवे स्टेशन पर खुद को उड़ा लिया था. इस घटना में 26 लोगों की मौत हो गई और महिलाओं और बच्चों सहित 40 से अधिक घायल हो गए.

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फरवरी 2023 में, जब यह ट्रेन चिचावतनी रेलवे स्टेशन को पार कर रही थी, तो एक विस्फोट के बाद दो लोगों की मौत हो गई और चार घायल हो गए. 2018 में बलूच विद्रोहियों ने ट्रेन को उड़ाने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हुए. ट्रेन में सवार यात्री बाल-बाल बच गए थे.

बलूच विद्रोही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को ही निशाना क्यों बनाते हैं?

पाकिस्तान के सबसे बड़े और सबसे कम आबादी वाले प्रांत बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का क्रूर ट्रैक रिकॉर्ड रहा है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी सेना पर हजारों बलूच युवाओं को गायब करने का आरोप लगाया है. इस्लामाबाद ने चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के जरिए से बलूचिस्तान के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश की है लेकिन बलूचों का कहना है कि उनके संसाधनों का दोहन करके पाकिस्तान के दूसरे क्षेत्रों को मालामाल किया जाता है. बलूच पाकिस्तान से आजादी की मांग करते हैं और पाकिस्तान सेना को अपना दुश्मन मानते हैं.

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पाकिस्तानी सेना के सुरक्षाकर्मी अक्सर यात्रा के लिए जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का ही उपयोग करते हैं, ज्यादातर पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से. यही कारण है कि यह ट्रेन अक्सर बलूच लिबरेशन आर्मी और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे विद्रोही या आतंकी समूहों का निशाना होती है.

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