- डाउनिंग स्ट्रीट ने स्पष्ट किया कि फॉकलैंड द्वीप समूह की संप्रभुता ब्रिटेन के पास है और यह रुख अपरिवर्तित रहेगा
- फॉकलैंड द्वीप समूह दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित है और 1833 से ब्रिटेन का प्रशासनाधीन है
- अर्जेंटीना द्वीपों पर अपना दावा करता है जबकि ब्रिटेन ने 192 वर्षों से यहां निरंतर कब्जा बनाए रखा है
पेंटागन की लीक हुई रिपोर्ट के बाद डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि फॉकलैंड द्वीप समूह की संप्रभुता 'ब्रिटेन के पास है'. डाउनिंग स्ट्रीट ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें सुझाव दिया गया था कि अमेरिका फॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन के दावे पर अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकता है, क्योंकि ब्रिटेन ने ईरान पर अमेरिकी बमबारी में पर्याप्त सहायता नहीं की थी. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा: “ब्रिटेन का रुख स्पष्ट है और बदलने वाला नहीं है… यह एक दीर्घकालिक रुख है. यह अपरिवर्तित है, और ऐसा ही रहेगा.”
प्रवक्ता ने आगे कहा, “फॉकलैंड द्वीप समूह के निवासियों ने भारी बहुमत से ब्रिटेन का विदेशी क्षेत्र बने रहने के पक्ष में मतदान किया है, और हम हमेशा द्वीपवासियों के आत्मनिर्णय के अधिकार और इस तथ्य के साथ खड़े रहे हैं कि संप्रभुता ब्रिटेन के पास है.”
जब उनसे पूछा गया कि क्या ब्रिटेन द्वीपों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए तैयार है, तो प्रवक्ता ने जवाब दिया: "फॉकलैंड द्वीप समूह का प्रश्न और ब्रिटेन की संप्रभुता तथा द्वीपवासियों के आत्मनिर्णय के अधिकार पर कोई सवाल नहीं है, और हमने इस स्थिति को स्पष्ट और लगातार व्यक्त किया है."
फॉकलैंड द्वीप समूह कहां है
फॉकलैंड द्वीप समूह दक्षिण अटलांटिक महासागर में है. अर्जेंटीना से करीब 500 किमी दूर है. 2 मुख्य द्वीप है और 700 से ज्यादा छोटे द्वीप हैं. इसे अर्जेंटीना इस्लास माल्विनास कहता है.
ब्रिटेन के पास कब से है
इस द्वीप समूह पर 3 जनवरी 1833 से ब्रिटेन का लगातार कब्जा और प्रशासन है. उस दिन ब्रिटिश नौसेना ने अर्जेंटीना के सैन्य गवर्नर को हटाकर यूनियन जैक फहराया था. तब से आज तक ब्रिटिश ओवरसीज टेरिटरी है. 1690 में ब्रिटिश नाविक जॉन स्ट्रॉन्ग ने पहली बार इस द्वीप समूह को देखा. 1764 में फ्रांस ने पहली बस्ती बसाई और नाम रखा पोर्ट लुई. 1766 में फ्रांस ने इसे स्पेन को बेच दिया. स्पेन ने नाम रखा पुएर्तो सोलेदाद. फिर 1765 में ब्रिटेन ने दूसरी तरफ पोर्ट एगमोंट बसाया. 1770 में स्पेन ने ब्रिटेन को वहां से भगा दिया. 1771 में समझौते से ब्रिटेन लौटा. 1774 में फिर ब्रिटेन खर्चे की वजह से चला गया, लेकिन एक पट्टिका छोड़ गया - "दावा नहीं छोड़ रहे".1811 में स्पेन भी चला गया, पर दावा कायम रखा. 1820-1833 में अर्जेंटीना ने स्पेन से आजादी के बाद दावा किया. 1829 में लुइस वर्नेट को गवर्नर बनाया. 1833 में ब्रिटेन ने फिर कब्जा कर लिया और अब तक है.
विवाद क्या है
अर्जेंटीना का तर्क है कि स्पेन से आजादी 1816 में मिली. स्पेन का दावा हमें मिला. 1820-1833 तक हमारा प्रशासन था. ब्रिटेन ने 1833 में जबरदस्ती कब्जा किया, वो अवैध है. द्वीप अर्जेंटीना के तट के पास हैं, भौगोलिक रूप से हमारे हैं. ब्रिटेन का तर्क है कि हमने 1765 में पहली बसावट की. 1774 में जाते वक्त भी दावा नहीं छोड़ा. 1833 से लगातार 192 साल से हमारा प्रशासन है. यहां के 3500 लोग खुद को ब्रिटिश मानते हैं. 2013 के जनमत संग्रह में 99.8% लोगों ने ब्रिटेन के साथ रहने को वोट दिया.
फॉकलैंड युद्ध 1982
2 अप्रैल 1982 को अर्जेंटीना की सैन्य सरकार ने द्वीपों पर हमला करके कब्जा कर लिया. ब्रिटेन ने मार्गरेट थैचर के नेतृत्व में 74 दिन की लड़ाई के बाद 14 जून 1982 को वापस ले लिया. 649 अर्जेंटीनी, 255 ब्रिटिश और 3 द्वीपवासी मारे गए. आज की स्थिति यह है कि यहां ब्रिटेन का कब्जा है. अर्जेंटीना अब भी दावा करता है और UN में मुद्दा उठाता है. अमेरिका अब इसी पर स्टैंड बदलने की बात कर रहा है.
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