- दावोस में ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा की और गाजा पुनर्निर्माण के लिए बड़ी आर्थिक योजना पेश की
- एलन मस्क ने कहा कि एआई जल्द ही इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान हो जाएगा और रोबोट काम को आसान बनाएंगे
- महाराष्ट्र और केरल ने दावोस में बड़े निवेश समझौते किए, जिससे लाखों रोजगार पैदा होने की उम्मीद बढ़ी
दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) की 5 दिवसीय वार्षिक बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई. दुनिया के सबसे ताकतवर नेता, बड़े उद्योगपति, सेंट्रल बैंकों के प्रमुख और नीति-निर्माता एक जगह इकट्ठा हुए और देश-दुनिया की आर्थिक, कूटनीतिक, राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों पर विचार मंथन किया. हालांकि इस दौरान अमेरिका और यूरोप के बीच अनबन मीडिया में छाई रही. दावोस के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस जैसी बड़ी पहल करते हुए कई अहम संदेश दिए. आइए बताते हैं, दावोस 2026 का निचोड़ क्या रहा.
AI से व्हाइट कॉलर जॉब्स पर बड़ा खतरा, बिल गेट्स ने चेताया
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने दावोस में NDTV से बातचीत में चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के रूप में अगले 4–5 साल में व्हाइट कॉलर नौकरियों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और सरकारें इसके लिए तैयार नहीं हैं. इसका असर ब्लू कॉलर सेक्टर पर भी असर दिखेगा. उन्होंने कहा कि एआई नौकरी बाजार को उम्मीद से ज्यादा तेज़ी से बदलने वाला है और तैयारी के लिए समय बहुत कम बचा है. सरकारों को बराबरी और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना होगा. गेट्स ने माना कि एआई कई बड़ी समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. बीमारियों की पहचान, शिक्षा और रिसर्च में भी मददगार हो सकता है. लेकिन अगर इस बदलाव को सही से नहीं संभाला गया तो कामकाज, भर्तियों और आर्थिक असमानता पर इसका बड़ा असर पड़ेगा.
महाराष्ट्र ने 30 लाख करोड़ के MoU साइन किए
दावोस में महाराष्ट्र ने 30 लाख करोड़ रुपये के समझौतों पर दस्तखत किए जो उद्योग, सेवा, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में करीब 40 लाख रोजगार पैदा कर सकते हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, सात से दस लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों के लिए बातचीत शुरुआती चरण में है और अगले दो महीनों में एमओयू हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि करीब 83 प्रतिशत एमओयू प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से जुड़े हैं. 16 प्रतिशत निवेश वित्तीय संस्थानों में तकनीकी साझेदारी के रूप में है.
केरल को मिले 14 अरब डॉलर निवेश के ऑफर
केरल ने विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान 1.18 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता हासिल की है. केरल के उद्योग मंत्री पी. राजीव ने बताया कि ये प्रस्ताव नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन, स्वास्थ्य, मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा उपकरण निर्माण आदि क्षेत्रों से संबंधित हैं. इस बारे में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, स्पेन और अफ्रीकी देशों से बातचीत चल रही है. मंत्री ने कहा कि केरल ने नई औद्योगिक नीति और देश की पहली पर्यावरण सामाजिक राजकाज नीति को शामिल किया है.
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स्मृति ईरानी के गठबंधन ने जुटाए 20 लाख डॉलर
भारत में महिला उद्यमियों के लिए 10 करोड़ डॉलर का कोष बनाने पर काम कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने डब्ल्यूईएफ की बैठक में महज दो दिनों के अंदर 20 लाख डॉलर की प्रतिबद्धता जुटा ली. ईरानी ने कहा कि छोटे कारोबारों खासकर महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोकस को देखते हुए ‘स्पार्क' नामक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो देश के करीब 300 शहरों में लागू किया जा रहा है. इसका उद्देश्य महिलाओं के स्वामित्व वाले एक लाख छोटे व्यवसायों को सहयोग देना है.
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भारत में खुलेगा औद्योगिक क्रांति का नया सेंटर
विश्व आर्थिक मंच ने दावोस बैठक में चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पांच नए केंद्र स्थापित करने का फैसला किया, जिनमें से एक भारत के आंध्र प्रदेश में होगा. बाकी तीन केंद्र फ्रांस, ब्रिटेन और यूएई में लगेंगे. नए केंद्र के साथ भारत में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी. इससे पहले मुंबई और तेलंगाना में दो केंद्र पहले से एक्टिव हैं. इन केंद्रों के फोकस एआई, इनोवेशन, ऊर्जा बदलाव, साइबर सुरक्षा और अत्याधुनिक टेक्नोलोजी होंगी. ये केंद्र क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक संवाद और सहयोग को भी आगे बढ़ाएंगे. चौथी औद्योगिक क्रांति नेटवर्क का मकसद सरकारी और प्राइवेट सेक्टर को साथ लाकर यह सुनिश्चित करना है कि उभरती टेक्नोलोजी के विकास एवं उपयोग से समाज को अधिकतम लाभ हो और जोखिम कम किए जा सकें.













