- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पांच डॉक्टरों की टीम ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में इमरान खान की आंखों की जांच की
- जांच रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान की एक आंख लगभग सत्तर प्रतिशत ठीक है, जबकि दूसरी आंख पूरी तरह से स्वस्थ है
- इमरान खान की आंखों की खराबी पहली बार इस्लामाबाद के पीआईएम में 24 जनवरी को क्लिनिकल जांच के दौरान सामने आई थी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की आंखों को लेकर पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम और वकार यूनुस ने बयान दिए तो पाकिस्तान सरकार ने नई चाल चल दी है. कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सोमवार को पीटीआई नेता इमरान खान की दृष्टि हानि को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि "चिंता की कोई बात नहीं है". यह बयान सुप्रीम कोर्ट को यह सूचना मिलने के कुछ दिनों बाद आया है कि इमरान की दाहिनी आंख की रोशनी केवल 15% ही बची है. इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 16 फरवरी (आज) से पहले उनकी जांच के लिए एक चिकित्सा दल का गठन किया.
आंख खराब मानने से इनकार
इसके बाद, पांच डॉक्टरों का एक दल रविवार को रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचा, जहां पूर्व प्रधानमंत्री कैद हैं. वहां उन्होंने उनकी आंखों की विस्तृत जांच की, रक्त के नमूने लिए और रक्तचाप की जांच की. हालांकि, पीटीआई ने परिवार और निजी चिकित्सकों की गैरमौजूदगी में की गई इस जांच को मानने से इनकार कर दिया है. सोमवार को पंजाब के शाहदरा स्थित फिरोजवाला बार एसोसिएशन को संबोधित करते हुए, तरार ने इमरान के स्वास्थ्य के संबंध में प्रस्तुत की जाने वाली नई रिपोर्ट का जिक्र किया. मंत्री ने आगे कहा कि बार एसोसिएशन में आने से पहले उन्होंने पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (एजीपी) मंसूर उस्मान अवान और संबंधित व्यक्तियों से इस विषय पर चर्चा की थी.
'चिंता की बात नहीं'
तरार ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दोबारा जांच की गई और 35 या 25 प्रतिशत जैसी कोई बात नहीं है. अगर वह आंखों की रोशनी के लिए चश्मा पहनते हैं, तो उनकी एक आंख लगभग 70% ठीक है और दूसरी आंख 6/6 है. चिंता की कोई बात नहीं है.” द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, 6/6 दृष्टि या 20/20 दृष्टि का मतलब है कि आप दुनिया को सामान्य स्पष्टता और तीक्ष्णता के साथ देख सकते हैं.
कैसे पता चला आंख हुई खराब
इमरान की 24 जनवरी की रात को इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएम) में एक क्लिनिकल जांच हुई थी. अधिवक्ता सलमान सफदर ने पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में इमरान की जेल की स्थिति के बारे में सात पन्नों की रिपोर्ट प्रस्तुत की. अपनी रिपोर्ट में, सफदर ने इमरान के हवाले से बताया कि "इलाज (इंजेक्शन सहित) के बावजूद, उनकी दाहिनी आंख की रोशनी केवल 15% ही बची है." इमरान ने सफदर को बताया कि लगभग "तीन से चार महीने पहले, अक्टूबर 2025 तक, उनकी दोनों आंखों की रोशनी सामान्य 6/6 थी."
वसीम अकरम का बयान
इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वसीम अकरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि "यह सुनकर बहुत दुख हुआ कि हमारे इमरान खान को सेहत से जुड़ी दिक्कतें हो रही हैं. मुझे पूरी उम्मीद है कि अधिकारी इसे गंभीरता से लेंगे और यह पक्का करेंगे कि इमरान खान को सबसे अच्छी मेडिकल केयर मिले. मैं उनके लिए जल्दी ठीक होने और पूरी तरह से ठीक होने की दुआ करता हूं."
वकार यूनुस का बयान
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के एक और दिग्गज वकार यूनुस ने इमरान खान की खराब सेहत को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि "पॉलिटिक्स को एक तरफ रखते हुए, हमारे नेशनल हीरो जिन्होंने हमें खेल के मैदान पर सबसे बड़ी शान दी, एक कैंसर हॉस्पिटल, जिससे मेरी मां समेत बहुतों की मदद हुई, वह हेल्थ इमरजेंसी से गुजर रहे हैं और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत है. उन्होंने कहा "मैं संबंधित अधिकारियों से गुजारिश करता हूं कि इमरान खान को समय पर सही इलाज मिले." उन्होंने आखिर में कहा "जल्दी ठीक हो जाओ कप्तान."














