होर्मुज में 'महाजंग'! अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में भेज दिए युद्धपोत और 2,500 जांबाज मरीन सैनिक

अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि USS Boxer और दो अन्य एम्फीबियस असॉल्ट (उभयचर हमलावर) जहाज, 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के सैनिकों के साथ अपने होम पोर्ट सैन डिएगो से रवाना हो चुके हैं.

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  • ईरान- अमेरिका के बीच युद्ध छिड़े तीन हफ्ते में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया है, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ी है
  • होर्मुज की सुरक्षा और संचालन के लिए वैश्विक प्रयास तेज हुए हैं क्योंकि यह आर्थिक जीवन रेखा माना जाता है
  • अमेरिका मिडिल ईस्ट में तीन अतिरिक्त युद्धपोत और 2500 मरीन सैनिकों की टुकड़ी भेज रहा है, जो सुरक्षा बढ़ाएगी.
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ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध को अब तीन हफ्ते का समय बीत चुका है, लेकिन तनाव कम होने के बजाय और गहराता जा रहा है. इस टकराव का सबसे बड़ा असर दुनिया की आर्थिक जीवन रेखा माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर पड़ा है, जिसे फिर से सुरक्षित और क्रियाशील बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर कोशिशें तेज हो गई हैं. इसी अस्थिरता के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को और घातक बनाने का फैसला किया है.

समाचार एजेंसी एपी (AP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन मिडिल ईस्ट में तीन अतिरिक्त युद्धपोत और 2,500 मरीन सैनिकों की एक नई टुकड़ी भेज रहा है. अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस तैनाती की पुष्टि करते हुए संकेत दिया है कि यह कदम न केवल रणनीतिक जलमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि ईरान की ओर से भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी कार्रवाई को रोकने के लिए एक कड़ा संदेश भी है.

अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि USS Boxer और दो अन्य एम्फीबियस असॉल्ट (उभयचर हमलावर) जहाज, 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के सैनिकों के साथ अपने होम पोर्ट सैन डिएगो से रवाना हो चुके हैं. हालांकि, सुरक्षा कारणों और सैन्य अभियानों की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने इन जहाजों की सटीक लोकेशन साझा नहीं की है. यह कदम क्षेत्र में अमेरिकी हितों की रक्षा और संभावित खतरों से निपटने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था तथा जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले कुछ खाड़ी देशों पर हमले किए और अमेरिका व इजराइल पर दबाव बनाने के लिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया.

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वहीं, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मिलकर प्रयास करने और ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए कदम उठाने की बात कही है. इन देशों ने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की निंदा की और उससे तुरंत ऐसी गतिविधियां बंद करने को कहा.

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