Venezuela Crisis: कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो? वेनेजुएला में नई सरकार के लिए चर्चा में नाम, मिल चुका है शांति का नोबेल पुरस्‍कार

मचाडो खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला नीति का समर्थन करती रही हैं. वह निजीकरण, मुक्त बाजार और अमेरिकी निवेश के जरिए वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने की बात करती हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. इसी बीच जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह हैं नोबेल पुरस्कार विजेता और विपक्ष की सबसे मजबूत आवाज़ मारिया कोरिना मचाडो. मचाडो को वेनेजुएला की 'आयरन लेडी' कहा जाता है और उन्हें संभावित नई सरकार की धुरी माना जा रहा है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने साफ कहा है कि वेनेजुएला में नई सरकार बनने तक अमेरिका सत्ता का संचालन करेगा. मचाडो वेनेजुएला पर अमेरिका की नीति का समर्थन भी करती हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि उनकी प्रमुख भूमिका के साथ वाली नई सरकार का गठन हो सकता है. हालांकि मचाडो ने खुद अपनी ओर से गोंजालेज का नाम आगे बढ़ाया है. 

मचाडो ने  एडमुंडो गोंजालेज का नाम बढ़ाया

दिलचस्प बात यह है कि मचाडो ने खुद सत्ता की दावेदारी करने के बजाय अपनी पार्टी के नेता एडमुंडो गोंजालेज का नाम आगे बढ़ाया है. समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक, मचाडो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मादुरो को सत्ता छोड़ने के लिए पहले ही चेतावनी दी गई थी और इनकार के बाद कार्रवाई हुई. उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 के राष्ट्रीय चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने गोंजालेज को विजेता माना था.

कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो?

मारिया कोरिना मचाडो एक लिबरल विचारधारा की नेता हैं और बीते दो दशकों से लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आज़ादी और स्वतंत्र चुनावों के लिए संघर्ष कर रही हैं. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज और बाद में मादुरो सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा लिया. सरकार के दमनात्मक रवैये के चलते उन्हें लंबे समय से देश से बाहर छिपकर रहना पड़ रहा है.

मचाडो खुलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला नीति का समर्थन करती रही हैं. वह निजीकरण, मुक्त बाजार और अमेरिकी निवेश के जरिए वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने की बात करती हैं. हालांकि ट्रंप प्रशासन ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह मचाडो को सीधे सत्ता सौंपने के पक्ष में है या नहीं.

2025 का नोबेल शांति पुरस्‍कार 

मारिया कोरिना मचाडो को शांति के लिए 2025 का नोबेल पुरस्कार (2025 Nobel Peace Prize) दिया गया है. नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने शुक्रवार, 10 अक्टूबर को इसकी घोषणा की थी. सुरक्षा कारणों से यह पुरस्कार उनकी बेटी ने ग्रहण किया. एक कारोबारी परिवार से आने वाली मचाडो ने समाजसेवा के जरिए राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे वेनेजुएला की सबसे प्रभावशाली विपक्षी नेता बन गईं.

वेनेजुएला में लोकतंत्र आंदोलन की नेता के रूप में, मारिया कोरिना मचाडो को हाल के दिनों में लैटिन अमेरिका में नागरिक साहस के सबसे असाधारण उदाहरणों में से एक के रूप में देखा जाता है. मचाडो गहराई से विभाजित वेनेजुएला के विपक्ष को एकजुट करने के लिए जानी हैं. उनके नेतृत्व में वहां का विपक्ष स्वतंत्र चुनाव और प्रतिनिधि सरकार की मांग के लिए एक साथ आया. ऐसे समय में जब लोकतंत्र खतरे में है, इस सामान्य आधार की रक्षा करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है.

Advertisement

उधर दूसरी ओर, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका से मादुरो की रिहाई की मांग करते हुए उन्हें देश का वैध राष्ट्रपति बताया है. मादुरो और उनकी पत्नी पर अमेरिकी न्याय विभाग ने ‘नार्को-आतंकवाद' से जुड़े षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं और दोनों को न्यूयॉर्क ले जाया गया है.

Featured Video Of The Day
Indian Of The Year 2025: Kapil Dev जैसी ऐतिहासिक जीत की कहानी Indian Women Cricketers की जुबानी