- अमेरिका के लगभग 3500 सैनिक युद्ध के बीच मिडिल ईस्ट में पहुंच चुके हैं
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख ने इजरायली सेना के चीफ के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की है- रिपोर्ट
- पेंटागन ईरान में संभावित जमीनी सैन्य अभियान की योजना बना रहा है जो सीमित और लक्षित हमलों पर केंद्रित होगा
US Israel War against Iran: अमेरिका के 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट में पहुंच चुके हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी वक्त उन्हें ईरान में घुसने और ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने का आदेश दे सकते हैं. ऐसे में अमेरिकी सेना और इजरायली सेना के बीच एक बहुत बड़ी बैठक हुई है. जंग के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने इजरायल में इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर और अन्य वरिष्ठ IDF अधिकारियों से मुलाकात की है. यह जानकारी CNN ने एक इजरायली स्रोत के हवाले से दी, जो इस मामले से परिचित है.
CNN के अनुसार, इस बैठक में क्षेत्र में चल रहे संघर्ष, खासकर ईरान से जुड़ी स्थिति और तेहरान की हथियार बनाने की क्षमता को कम करने के प्रयासों पर चर्चा हुई. इससे पहले शनिवार को IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि इजरायली सेना को उम्मीद है कि वह कुछ ही दिनों में ईरान के सैन्य उत्पादन ढांचे के सभी “महत्वपूर्ण” हिस्सों पर हमले पूरे कर लेगी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि हम सैन्य उत्पादन की ज्यादातर क्षमता को नष्ट कर देंगे और उसे फिर से ठीक करने में शासन को बहुत लंबा समय लगेगा.”
कभी ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर सकती है अमेरिकी सेना
अमेरिका और इजरायल के शीर्ष सैन्य नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले संभावित जमीनी सैन्य अभियान की योजना बना रहा है. द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह तैयारी इसलिए की जा रही है ताकि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष को और तेज करने का फैसला लेते हैं तो लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई की जा सके.
अधिकारियों ने कहा कि जिस जमीनी अभियान पर विचार किया जा रहा है, वह पूरी तरह से बड़े स्तर के आक्रमण जैसा नहीं होगा. इसके बजाय इसमें विशेष सैन्य बलों और सामान्य पैदल सेना की संयुक्त टीमों द्वारा सीमित और टारगेट लेकर किए गए हमले शामिल हो सकते हैं. यह जानकारी द वॉशिंगटन पोस्ट ने दी.
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एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि USS ट्रिपोली पर सवार अमेरिकी नाविक और मरीन 27 मार्च को CENTCOM के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंचे. अमेरिका-क्लास उभयचर हमला जहाज ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का प्रमुख जहाज है. पोस्ट में लिखा था, “USS ट्रिपोली (LHA-7) पर सवार अमेरिकी नाविक और मरीन 27 मार्च को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंचे. अमेरिका-क्लास का यह उभयचर हमला जहाज ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का प्रमुख जहाज है, जिसमें लगभग 3,500 नाविक और मरीन शामिल हैं. इसके अलावा इसमें परिवहन और स्ट्राइक फाइटर विमान, उभयचर हमला क्षमता और अन्य सामरिक साधन भी मौजूद हैं.”













