ट्रंप के 'टैरिफ बम' से व्यापार युद्ध शुरू? ब्राजील लाया कानून, कनाडा लड़ने को तैयार, चीन कर सकता है गोलबंदी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को एक संभावित वैश्विक व्यापार युद्ध की शुरुआत कर दी है. उन्होंने दुनिया भर से आयात अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर कम से कम 10 प्रतिशत और अधिकतम 49 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
एएफपी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को एक संभावित वैश्विक व्यापार युद्ध की शुरुआत कर दी है. उन्होंने दुनिया भर से आयात अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर कम से कम 10 प्रतिशत और अधिकतम 49 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया. भारत पर भी 26 प्रतिशत का टैरिफ लादा गया है. व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में ट्रंप कई लंबे-चौड़े चार्ट हाथ में लेकर पहुंचे थे और उन्होंने चीन, यूरोपीय यूनियन से लेकर भारत तक, अमेरिका के प्रमुख व्यापार साझेदारों पर कठोर टैरिफ का ऐलान किया. ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए “लिबरेशन डे” यानी "मुक्ति दिवस" ​​​​कहा.

ट्रंप ने कहा, "मेरी राय में, यह अमेरिकी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है… यह हमारी आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा है."

इस घोषणा से तमाम देशों का तत्काल गुस्सा फूट पड़ा है. चीन ने चेतावनी दी कि टैरिफ वैश्विक आर्थिक विकास को "खतरे में" डाल सकता है. अमेरिका के सहयोगी ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि दोस्त ऐसा काम नहीं कर सकता. दुनिया भर के कई देश बदला लेने के धमकियां दे रहे हैं.

78 साल के ट्रंप ने किसी उथल-पुथल या पलटवार की आशंकाओं को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खोए हुए "स्वर्ण युग" में बहाल कर देगा. हालांकि जिस तरह एक के बाद एक देश रिएक्ट कर रहे हैं, इस बात की आशंका दिख रही है कि ट्रंप के इस कदम ने वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध शुरू हो गया है.

क्या व्यापार युद्ध शुरू हो चुका है?

अमेरिका ने अपने महाशक्ति प्रतिद्वंद्वी चीन से आने पर माल पर अतिरिक्त 34 प्रतिशत की टैरिफ लगाया है. बीजिंग ने तुरंत जवाबी कदम उठाने की कसम खाई और चेतावनी दी कि टैरिफ लिस्ट में शामिल देशों को "गंभीर रूप से नुकसान" होगा. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, अमेरिकी टैरिफ "अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों का पालन नहीं करते हैं और संबंधित पक्षों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं".

लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, ब्राजील ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 10% टैरिफ का मुकाबला करने के लिए बुधवार को कांग्रेस में एक कानून - Economic Reciprocity Law - को मंजूरी दे दी. यहां के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह "द्विपक्षीय व्यापार में पारस्परिकता सुनिश्चित करने के लिए विश्व व्यापार संगठन का सहारा लेने सहित सभी संभावित कार्रवाइयों का मूल्यांकन करेगा".

व्यापार युद्ध का एक रूप गोलबंदी के रूप में दिख सकता है. विदेश नीति के जानकार डॉ. जाकिर हुसैन ट्रंप ने एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए कहा है कि टैरिफ के बाद कनाडा, मैक्सिको और यूरोपियन देशों के साथ मिलकर चीन गोलबंदी कर सकता है.

कनाडा और मैक्सिको नए टैरिफ से प्रभावित नहीं हैं क्योंकि ट्रम्प पहले ही उन्हें ड्रग्स की तस्करी और अवैध आप्रवासन को रोकने में उनकी विफलता के लिए दंडित कर चुके हैं- 25 प्रतिशत का टैरिफ लगा चुके हैं. फिर भी ट्रंप के 2 अप्रैल वाले घोषणा के बाद कनाडा के प्रधान मंत्री मार्क कार्नी ने मौजूदा टैरिफ से "लड़ने" की कसम खाई.

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हालांकि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने किसी भी जवाबी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी देते हुए फॉक्स न्यूज पर कहा, "अगर आप जवाबी कार्रवाई करेंगे तो तनाव बढ़ जाएगा."

(इनपुट- एएफपी)

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