अमेरिका ने ईरान के कई शहरों पर बमबारी की है. दक्षिणी ईरान के शहर बुशहर और असलुयेह में एक के बाद एक कई धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं. ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक, रविवार सुबह बुशहर और असलुयेह में धमाके हुए.
वहीं ईरान की सरकारी मीडिया IRIB ने बंदर अब्बास और सिरिक में धमाकों की खबर दी है. जबकि मेहर न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि केशम आइलैंड पर धमाकों की आवाज सुनी गई. ईरान का न्यूक्लियर पावर प्लांट बुशहर शहर के बाहरी इलाके में है.
ये रिपोर्ट तब आई हैं जब अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान को निशाना बनाया है. जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हमला किया. IRGC ने दावा किया कि जहाज बिना इजाजत के रास्ते से स्ट्रेट पार कर रहा था.
'कीमत तो चुकानी पड़ेगी'
ईरान पर हमलों पर US डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने गलत फैसला किया है और अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. इससे पहले अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को हमले के लिए तैयार रहने के लिए कहा था.
ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका की हजारों मिसाइलें ईरान की ओर तनीं हैं और टारगेट लॉक्ड है. हालांकि ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि वो ईरान की हिट लिस्ट में हैं और अगर उनकी हत्या हो जाती है तो अमेरिका सेना को निर्देश दिए जा चुके हैं कि ईरान को ऐसी बमबारी दिखाई जाए जो उसने कभी नहीं देखी हो.
होर्मुज की सुरक्षा पर चल रही थी मीटिंग, लेकिन...
इस हमले से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनके ओमानी समकक्ष सैय्यद बद्र बिन हमद अल बुसैदी ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के आर्टिकल 5 के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित रास्ते को पक्का करने के तरीकों पर चर्चा कर रहे थे. शनिवार को मस्कट में बातचीत के दौरान, अराघची ने अल बुसैदी से मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों और इलाके के डेवलपमेंट का रिव्यू किया. लेकिन इससे पहले ही होर्मुज बंद कर दिया गया.
यह भी पढ़ें: हमलों के बीच ईरान ने किया हॉर्मुज बंद करने का ऐलान, अमेरिका बोला- बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी