4 बॉम्बर, 64 फाइटर सहित 155 एयरक्राफ्ट... ट्रंप ने बताया- एक पायलट को बचाने में कैसे उतार दी पूरी फौज

ट्रंप ने कहा कि मैंने अमेरिकी सशस्त्र बलों को आदेश दिया कि हमारे बहादुर योद्धाओं को घर वापस लाने के लिए जो कुछ भी जरूरी हो, वह करें. इस मिशन के तहत 21 अमेरिकी सैन्य विमान तैनात किए गए थे.

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  • डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से फंसे पायलट के रेस्क्यू में 170 से अधिक सैन्य विमानों के इस्तेमाल की जानकारी दी.
  • रेस्क्यू ऑपरेशन में चार बॉम्बर, चौसठ लड़ाकू विमान, अड़तालीस रिफ्यूलिंग टैंकर और तेरह बचाव विमान शामिल थे.
  • घायल पायलट ने प्रशिक्षण के अनुसार खतरनाक पहाड़ी इलाके में चढ़ाई कर खुद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था.
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ईरान से अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू ऑपरेशन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि रेस्क्यू मिशन में 155 एयरक्राफ्ट शामिल थे, जिसमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर, 13 रेस्क्यू एयरक्राफ्ट और भी बहुत कुछ शामिल था. हम उन सभी को ला रहे थे और इसमें से बहुत कुछ चालकी थी.

ट्रंप ने कहा कि मैंने अमेरिकी सशस्त्र बलों को आदेश दिया कि हमारे बहादुर योद्धाओं को घर वापस लाने के लिए जो कुछ भी जरूरी हो, वह करें. इस मिशन के तहत 21 अमेरिकी सैन्य विमान तैनात किए गए थे.

'170 से ज़्यादा अमेरिकी सैन्य विमानों का इस्तेमाल किया गया'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लड़ाकू विमान के क्रू को बचाने के लिए 170 से ज़्यादा अमेरिकी सैन्य विमानों का इस्तेमाल किया गया. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि पहले क्रू सदस्य को निकालने के ऑपरेशन में 21 विमानों का इस्तेमाल हुआ और दूसरे बचाव अभियान में 155 और विमानों का. उन्होंने आगे कहा कि दो ट्रांसपोर्ट विमान रेत में फंस गए थे, जिन्हें उड़ाना पड़ा.

 वह काफी बुरी तरह घायल हो गया था और एक ऐसे इलाके में फंस गया था जहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के आतंकवादी भरे हुए थे. इन सब मुश्किलों के अलावा, उन्होंने ईरान के अंदरूनी इलाकों में रहने वाले समुदायों और वहां के लोगों को इस पायलट को ढूंढ़ने के लिए एक बहुत बड़ा इनाम देने का ऐलान भी किया था. जान का खतरा होने के बावजूद, उस अधिकारी ने अपनी ट्रेनिंग का पालन किया. वह पहाड़ों के उस खतरनाक और ऊबड़-खाबड़ इलाके में घुस गया और ऊंचाई की तरफ चढ़ना शुरू कर दिया. ठीक वैसे ही, जैसा उन्हें दुश्मनों की पकड़ से बचने के लिए सिखाया गया था. वे हमेशा उस जगह से जितना हो सके, उतना दूर चले जाना चाहते हैं, जहां उनका विमान गिरा था. आप उस जगह से जितना हो सके, उतना दूर जाना चाहेंगे, क्योंकि दुश्मन सबसे पहले सीधे उसी जगह की तरफ दौड़ते हैं. आप वहां से जितनी ज़्यादा दूरी बना सकें, उतना ही आपके लिए बेहतर होता है और वह घायल होने के बावजूद, उसने जो किया, वह सचमुच एक बहुत ही अद्भुत और असाधारण बात थी.

डोनाल्ड ट्रंप

राष्ट्रपति, अमेरिका

ट्रंप ने ईरान में अमेरिका के फंसे पायलट के बचाव की खबर लीक करने वाले रिपोर्टर को जेल भेजने की धमकी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह उस रिपोर्टर से मांग करेंगे जिसने सबसे पहले यह लीक किया था कि ईरान में एक एयरमैन को बचाया गया है, कि वह अपना सोर्स बताए, और अगर उन्होंने मना किया तो उन्हें जेल भेजने की धमकी दी.

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'पायलट के पास एक बहुत ही आधुनिक बीपर जैसा यंत्र था'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह चट्टानों पर चढ़ता गया, उसके शरीर से काफी खून बह रहा था, उसने खुद ही अपने ज़ख्मों का इलाज किया और अपनी लोकेशन बताने के लिए अमेरिकी सेना से संपर्क किया. उनके पास एक बहुत ही आधुनिक बीपर जैसा यंत्र होता है जो हर समय उनके साथ रहता है और जब वे ऐसे मिशन पर जाते हैं, तो वे यह पक्का कर लेते हैं कि उसमें काफी बैटरी हो और वह ठीक-ठाक हालत में हो और इस बार यह यंत्र बहुत बढ़िया काम आया, इसने चमत्कारिक रूप से उसकी जान बचा ली.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने उसे पहाड़ की उस जगह से निकालने के लिए तुरंत एक बहुत बड़ा ऑपरेशन शुरू किया, और वह लगातार और ऊपर चढ़ता गया. पहाड़ का रास्ता और भी ज़्यादा ऊबड़-खाबड़ होता गया और उसे ढूंढ़ना सचमुच बहुत ही ज़्यादा मुश्किल हो गया.  

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ट्रंप ने कहा कि दूसरे बचाव अभियान में 155 विमान शामिल थे, जिनमें चार बॉम्बर, 64 लड़ाकू विमान, 48 रीफ्यूलिंग टैंकर, 13 बचाव विमान और भी बहुत कुछ शामिल था. हम उन सभी को वहां ले आए थे, और इसमें काफ़ी हद तक चालबाज़ी भी शामिल थी. हम चाहते थे कि उन्हें यह लगे कि वह किसी दूसरी जगह पर है, क्योंकि वहां उनकी बहुत बड़ी सैन्य टुकड़ी मौजूद थी. हज़ारों-हज़ारों लोग उसे ढूंढ़ रहे थे, इसलिए हम चाहते थे कि वे अलग-अलग इलाकों में ढूंढ़ें. इस तरह हम पूरे इलाके में इस तरह फैल गए कि उन्हें लगा जैसे हम ठीक उनके सिर पर ही मौजूद हैं और वे पूरी तरह से भ्रमित हो गए. वे आपस में कहने लगे, ‘ज़रा एक मिनट रुको, उनके कुछ समूह यहां हैं, तो कुछ वहां हैं. यह सचमुच एक बहुत ही अद्भुत बात थी.

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