'यह तो गुलामों के बच्चों के लिए है', बर्थराइट सिटीजनशिप पर ट्रंप का अजीबोगरीब बयान

बर्थराइट सिटीजनशिप को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेतुका बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ गुलामों के बच्चों को नागरिकता देने वाला कानून है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. (फाइल फोटो)
IANS
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  • डोनाल्ड ट्रंप ने बर्थराइट सिटीजनशिप को गुलामों के बच्चों के लिए संविधान द्वारा निर्धारित बताया है
  • ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो बर्थराइट सिटीजनशिप पर चर्चा करने का सम्मान करता है
  • 1868 में 14वें संशोधन के तहत अमेरिका में जन्मे व्यक्ति को स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिलती है
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वॉशिंगटन डीसी:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बर्थराइट सिटीजनशिप को लेकर एक अजीबोगरीब बयान दिया है. उन्होंने तर्क दिया कि संविधान का यह प्रावधान 'गुलामों के बच्चों' के लिए था, न कि उन अमीर विदेशियों के बच्चों के लिए जो पैसे देकर अमेरिकी नागरिकता पाना चाहते हैं.

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, 'बर्थराइट सिटीजनशिप चीन और बाकी दुनिया के अमीरों के लिए नहीं है जो पैसे देकर अपने बच्चों को बेतुके तरीके से अमेरिका का नागरिक बनवाना चाहते हैं. यह तो गुलामों के बच्चों के लिए है.'

उन्होंने आगे कहा, 'हम दुनिया में एकमात्र ऐसे देश हैं जो इस विषय पर चर्चा करने को भी सम्मान देते हैं. इस बहुत पुराने कानून की तारीखें देखिए- ठीक गृह युद्ध के खत्म होने का समय. पूरी दुनिया अपने देश की नागरिकता बेचकर अमीर बन रही है और साथ ही इस बात पर हंस रही है कि हमारा अमेरिकी कोर्ट सिस्टम कितना बेवकूफ हो गया है. बेवकूफ जज मिलकर कोई महान देश नहीं बना सकते.'

ट्रंप का ये बयान ऐसे समय आया है जब 1 अप्रैल को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 'ट्रंप बनाम बारबरा' मामले में सुनवाई करेगा. इसमें ट्रंप सरकार के उस कार्यकारी आदेश को चुनौती दी गई है, जो बर्थराइट सिटीजनशिप को खत्म करता है.

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क्या है अमेरिका में बर्थराइट सिटीजनशिप?

1865 में गृह युद्ध खत्म हो गया था. बर्थराइट सिटीजनशिप की शुरुआत 1868 में 14वें संशोधन के साथ हुई. इस संशोधन ने युद्ध के बाद अफ्रीकी-अमेरिकियों के लिए कुछ अधिकारों की गारंटी दी. 14वां संशोधन कहता है कि अमेरिका में जन्मा व्यक्ति जन्म से ही अमेरिकी नागरिक है.

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जनवरी 2025 में अपने कार्यकाल के पहले ही दिन ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए थे, जिसने अमेरिका में उन माता-पिता से जन्मे बच्चों की नागरिकता को खत्म कर दिया था, जो यहां अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रहे थे. यह आदेश 19 फरवरी 2025 से लागू होना था. ट्रंप सरकार ने तर्क दिया था कि अमेरिका में अवैध तरीके या अस्थायी वीजा पर रह रहा व्यक्ति देश के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं है.

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