- अमेरिका भारत समेत 60 देशों के उत्पादों पर 10% या उससे ज्यादा अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव लेकर आया है
- उसने आरोप लगाया कि इन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध को सही तरीके से लागू नहीं किया है
- चीन, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, स्विट्जरलैंड समेत कई अन्य देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ का प्रस्ताव
US New Tariff News: एक तरफ भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौता फ्रेमवर्क तैयार कर लेने की घोषणा की है तो वहीं दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी कर ली है. अमेरिकी राष्ट्रपति की सरकार ने भारत समेत दर्जनों बड़े व्यापारिक पार्टनर देशों के उत्पादों पर 10% या उससे ज्यादा अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का प्रस्ताव लेकर आयी है. यह कदम उठाने के पीछे अमेरिका ने आरोप लगाया है कि इन देशों से आने वाले कुछ सामान जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) से बनाए गए हो सकते हैं.
अमेरिकी सरकार की तरफ से क्या कहा गया?
बुधवार, 3 जून की सुबह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस) की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि कनाडा, मेक्सिको, ताइवान, यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) और कुछ अन्य देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा. आरोप है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध को सही तरीके से लागू नहीं किया है. रिपोर्ट के अनुसार चीन, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड समेत कई अन्य देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा.
यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के राजदूत जैमिसन ग्रीयर ने बयान में कहा, "हमारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक पार्टनर देशों का जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने में नाकाम रहना स्वीकार नहीं किया जा सकता. इससे ऐसी स्थिति पैदा होती है, जहां अमेरिकी कामगारों को वैश्विक बाजार में असमान और अनुचित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है."
हालांकि, ये नए टैरिफ तुरंत लागू नहीं होंगे. इन्हें लागू करने से पहले जनता की राय ली जाएगी और प्रस्ताव की समीक्षा की जाएगी.
यह भी पढ़ें: रूस से सस्ता तेल बंद? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की चेतावनी से भारत पर क्या असर











