ईरान पर हमले के बाद ट्रंप ने बढ़ाया परमाणु तनाव, कहा- अमेरिका को तुरंत यूरेनियम सौंपो या नष्ट करो

Donald Trump's 'Uranium' Warning to Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के तुरंत बाद कहा है कि या तो ईरान तुरंत अपने न्यूक्लियर डस्ट (यूरेनियम) को अमेरिका के हाथ में सौंपे या अपनी मर्जी के जगह नष्ट कराए.

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Donald Trump's 'Uranium' Warning to Iran: डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक- किसी भी तरह ईरान का यूरेनियम खत्म होगा
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  • डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समृद्ध यूरेनियम नष्ट करने या अमेरिका को सौंपने का साफ संदेश दिया है
  • अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल साइट्स और समुद्री बारूदी सुरंग लगाने वाली नावों पर हमला किया है
  • ट्रंप ने कहा कि यूरेनियम को ईरान में अंतरराष्ट्रीय गवाहों की मौजूदगी में भी नष्ट किया जा सकता है
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Donald Trump's 'Uranium' Warning to Iran: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बंदर अब्बास में हमले के बाद ईरान को उसके समृद्ध यूरेनियम को लेकर दो टूक बात कर दी है. ट्रंप का एक ही मकसद है- ईरान के पास मौजूद परमाणु हथियार बनाने का यह कच्चा माल नष्ट होना चाहिए, भले वह जगह कोई भी हो. दरअसल अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में नए हमले किए हैं. अमेरिका ने कहा कि उसने ईरानी मिसाइल साइट्स और ऐसी नावों को निशाना बनाया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें लगाने की कोशिश कर रही थीं. अमेरिका ने इसे “आत्मरक्षा” में की गई कार्रवाई बताया है. ये हमले उस समय हुए जब तेहरान के शीर्ष वार्ताकार कतर की राजधानी दोहा में कतर के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत कर रहे थे. यह बातचीत अमेरिका और इजरायल के साथ तीन महीने पुराने युद्ध को खत्म करने के संभावित समझौते को लेकर हो रही थी.

नए अमेरिकी हमलों के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप देगा ताकि उसे नष्ट किया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि इसे ईरान में ही अंतरराष्ट्रीय गवाहों की मौजूदगी में भी नष्ट किया जा सकता है.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “समृद्ध यूरेनियम (न्यूक्लियर डस्ट!) या तो तुरंत अमेरिका को सौंपा जाएगा ताकि उसे यहां लाकर नष्ट किया जा सके, या फिर बेहतर होगा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ मिलकर और उसके कॉर्डिनेशन में उसे वहीं या किसी दूसरी स्वीकार्य जगह पर नष्ट किया जाए. इस प्रक्रिया के दौरान परमाणु ऊर्जा आयोग या उसके समान कोई संस्था गवाह रहेगी.”

ट्रंप ने यह नहीं बताया कि कितनी मात्रा में समृद्ध यूरेनियम की बात हो रही है. न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी पहले भी अलग-अलग निरीक्षण व्यवस्थाओं के तहत ईरान की परमाणु गतिविधियों की निगरानी करती रही है.

क्या ईरान राजी होगा?

इससे पहले सोमवार को ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने कहा कि तेहरान ने समृद्ध यूरेनियम विदेश भेजने पर सहमति नहीं दी है. एजेंसी ने सऊदी अरब के अल हादथ न्यूज चैनल की उस रिपोर्ट को खारिज किया, जिसमें दावा किया गया था कि “ईरान अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को देश से बाहर भेजने के लिए तैयार है.”

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तस्नीम ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संभावित समझौता ज्ञापन यानी एमओयू के बारे में जो रिपोर्ट सामने आई है, वह सही नहीं है. तस्नीम के मुताबिक, “अब तक मौजूद एमओयू के मसौदे में परमाणु सामग्री हटाने की तैयारी को लेकर कोई बयान नहीं है और ईरान ने इस समझौते में परमाणु गतिविधियों को लेकर मूल रूप से कोई प्रतिबद्धता नहीं दी है.”

वॉशिंगटन पोस्ट ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से सोमवार को कहा कि संभावित समझौते के पहले चरण में अमेरिका ईरान की 12 अरब डॉलर की फ्रीज की हुई संपत्तियां रिलीज करेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग हटाने का काम शुरू होगा और अमेरिका की नाकाबंदी हटा ली जाएगी. हालांकि ईरानी अधिकारी के मुताबिक, इस समझौते में कोई परमाणु समझौता शामिल नहीं है.

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