अमेरिकी सेना धोखा देकर करती है अटैक? हथियार छिपाकर मिलिट्री प्लेन को आम जहाज दिखाया- रिपोर्ट

पिछले साल सितंबर से अब तक अमेरिका ने समंदर में नावों पर कम से कम 30 हमले किये हैं, जिसमें कम से कम 107 लोग मारे गए हैं. अमेरिका का दावा है कि इन नावों से अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी की जाती थी.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ
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  • न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने सैन्य विमान को नागरिक विमान दिखाकर नाव पर हमला किया था
  • इस हमले में 11 लोग मारे गए थे और यह सशस्त्र संघर्ष के अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है
  • अमेरिका ने अपने सैन्य विमान के हथियारों को छिपाकर और नागरिक विमान का रूप देकर विरोधियों को धोखा दिया- रिपोर्ट
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साफ-साफ कह चुके हैं कि उन्हें इंटरनेशनल कानूनों की कोई परवाह नहीं है, वो अपनी मोरालिटी यानी नैतिकता के हिसाब से चलते हैं. अब उनकी सेना भी दुश्मन पर हमला करने के लिए इंटरनेशनल कानूनों का उल्लंघन करती पाई गई है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जब अमेरिका ने कथित ड्रग तस्करी वाले नाव पर अपना पहला हमला किया था तब उसने अपने सैन्य विमान को नागरिक विमान दिखाया था और उसकी आड़ में हमला किया था. अमेरिका के इस हमले में 11 लोग मारे गए थे.

अगर ट्रंप की सेना ने सचमुच ऐसा किया तो यह कदम सशस्त्र संघर्ष के अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन होगा. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार यह कानून एक पक्ष को अपने विरोधियों को मूर्ख बनाने के लिए नागरिक स्थिति का दिखावा करने से रोकता है. अगर कोई देश ऐसा करता है तो उसे युद्ध अपराध कहा जाएगा और इस युद्ध अपराध को 'परफिडी' कहा जाता है.

अमेरिका ने क्या किया था?

इस अमेरिकी हमले की घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 सितंबर, 2025 को एक सोशल मीडिया पोस्ट में की थी. उन्होंने आरोप लगाया गया था कि सैन्य हमले का टारगेट "निकोलस मादुरो के नियंत्रण में काम करने वाले ट्रेन डी अरागुआ आपराधिक संगठन के सदस्य थे, जो सामूहिक हत्या, ड्रग्स की तस्करी, सैक्स ट्रैफिकिंग और हिंसा- आतंक के कामों के लिए जिम्मेदार थे."

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने जिस सैन्य विमान से हमला किया था, उसे एक नागरिक विमान की तरह दिखने की कोशिश की गई थी, और इसके हथियारों को इसके पंखों के नीचे दिखाई देने के बजाय बॉडी (fuselage) के अंदर छिपा दिया गया था.

व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि रक्षा मंत्री (डिफेंस सेक्रेटरी) पीट हेगसेथ के अधिकार के तहत काम करने वाले एक अमेरिकी एडमिरल ने "डबल-टैप" सैन्य अभियान का आदेश दिया था, जिसमें नाव पर दो बार हमला किया गया.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पहले हमले में जीवित बचे दो लोग बाद में उसी विमान की ओर हाथ हिलाते दिखे जिसने नाव पर हमला किया था. लेकिन नागरिक विमान होना का दिखावा करते अमेरिका के उस सैन्य विमान ने अपने दूसरे हमले में उन बचे हुए दोनों लोगों को भी मार गिराया.

बता दें कि पिछले साल सितंबर से अब तक कम से कम 30 हमलों में कम से कम 107 लोग मारे गए हैं. अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में कुल 19 हमले, कैरेबियन में छह हमले और अज्ञात स्थानों पर पांच हमले किए हैं.

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