- अमेरिकी सरकार दशकों से लॉस एलामोस नेशनल लैब में UFOs पर गुपचुप शोध और अध्ययन कर रही है
- नई डॉक्यूमेंट्री 'स्लीपिंग डॉग' में लीक दस्तावेजों के माध्यम से इस गुप्त प्रोग्राम की जानकारी दी गई है
- डॉक्यूमेंट्री के निर्माता जेरेमी कॉर्बेल को दिवंगत साइबर सुरक्षा प्रमुख के बेटे से ये संवेदनशील दस्तावेज मिले
एलियंस हैं या नहीं? इसका जवाब अभी कोई नहीं जानता. लेकिन एक नई डॉक्यूमेंट्री में दावा किया है कि अमेरिका की एल लैब में दशकों से UFOs की स्टडी की जा रही थी. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एक नई डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि लॉस एलमोस नेशनल लैब के क्लासिफाइड डॉक्यूमेंट यह साबित करते हैं कि अमेरिकी सरकार दशकों से गुपचुप तरीके से UFOs पर स्टडी कर रही थी. यह वही लैब है जहां 2022 से लापता या मर चुके 11 अमेरिकी वैज्ञानिकों में दो कभी काम करते थे.
यह डॉक्यूमेंट्री अमेरिकी फिल्म प्रोड्यूसर और पत्रकार जेरेमी कॉर्बेल ने बनाई है. 17 मई को रिलीज होने वाली इस डॉक्यूमेंट्री का नाम 'स्लीपिंग डॉग' है. जेरेमी कॉर्बेल ने इसमें लीक दस्तावेजों के हवाले से लैब के अंदर की सच्चाई बताई है. उनका कहना है कि उन्हें ये दस्तावेज इस लैब में काम करने वाले दिवंगत पूर्व साइबर सिक्योरिटी चीफ के बेटे से मिले हैं.
कॉर्बेल ने कहा, 'एक पत्रकार के तौर पर काम के दौरान मैं अपनी रिपोर्टिंग में संवेदनशील सामग्री के लिए केंद्र बन गया हूं. अब यह एक आम बात हो गई है कि दिवंगतों के परिवारों मुझसे संपर्क करके सीक्रेट दस्तावेज मुझे सौंपते हैं.'
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फिल्म के एक प्रीव्यू में कॉर्बेल ने कहा, 'यह लड़का अपने पिता का सामान देखना शुरू करता है और उसे एहसास होता है- अरे यह तो बहुत ही गंभीर मामला है.'
रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्बेल ने बताया कि इन फाइलों में न्यू मैक्सिको की लैब में UFO से जुड़े प्रयोगों से जुड़े इंटरनल मेमो, टेक्निकल ड्रॉइंग और पोलरॉइड तस्वीरें शामिल हैं.
कॉर्बेल का दावा है कि उन्होंने इन दस्तावेजों में कई वैज्ञानिकों के नाम पहचाने. इनमें से कुछ वैज्ञानिकों को वे व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और जिन्होंने कभी भी UFO पर किए गए अपने काम के बारे में किसी को नहीं बताया था. उन्होंने कहा, 'मैंने गौर करना शुरू किया, मैं इनमें से कुछ नाम जानता हूं. मैं कुछ वैज्ञानिकों को निजी तौर पर जानता हूं. उन्होंने मुझे कभी नहीं बताया कि उन्होंने UFOs पर ये अध्ययन किए हैं.'
सुरक्षा कारणों से डॉक्यूमेंट्री में साइबर सिक्योरिटी चीफ, उनके बेटे और जिन वैज्ञानिकों का जिक्र है, उनकी पहचान जाहिर नहीं की गई है. साथ ही कॉर्बेल ने फिल्म रिलीज होने से पहले ये दस्तावेज सार्वजनिक तौर पर जारी नहीं किए.
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कॉर्बेल ने कहा, 'ये दस्तावेज इस बात की पूरी तरह पुष्टि करते हैं कि अमेरिकी सरकार ने UFO उड़ाने वालों के इरादों और उनके मूल का पता लगाने के लिए दशकों से एक सीक्रेट प्रोग्राम चला रखा है.'
लॉस एलामोस नेशनल लैब को रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने स्थापित किया था. यह लैब अमेरिकी सरकार की ऊर्जा विभाग की खुफिया लैब है, जो परमाणु हथियारों पर रिसर्च के लिए जानी जाती है.
दो वैज्ञानिक, जिनकी 2022 के बाद या तो मौत हो गई या वे लापता हो गए, वे इसी लैब में काम करते थे. कॉर्बेल की फिल्म संकेत देती है कि लीक हुए दस्तावेज इस बड़े रहस्य से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसके अलावा, डॉक्यूमेंट्री में यह दावा भी नहीं किया गया है कि UFO से जुड़े काम की वजह से ही उन वैज्ञानिकों की मौत हुई या वे लापता हो गए.
अमेरिकी सरकार ने सार्वजनिक तौर पर UFO से जुड़ी कुछ सीमित जांचों की बात स्वीकार की है, जिनमें पेंटागन का पूर्व AATIP कार्यक्रम और मौजूदा 'ऑल-डोमेन एनोमली रिजॉल्यूशन ऑफिस' शामिल हैं. हालाँकि, कॉर्बेल का दावा है कि लॉस एलामोस के दस्तावेज एक ऐसे गहरे और दशकों पुराने प्रयास की ओर इशारा करते हैं, जिसका खुलासा कभी नहीं किया गया.
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