- इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर भीषण हमला किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें इजरायल के हमले की जानकारी नहीं थी और आगे कोई हमला नहीं होगा
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कतर की मेन गैस फैसिलिटी पर हमला किया, जिससे कतर को भारी नुकसान हुआ
इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर इस कदर का भीषण हमला किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उसे धमकाते नजर आ रहे हैं. ट्रंप सफाई दे रहे हैं कि उन्हें इजरायल की ओर से किए गए हमले के बारे में कुछ नहीं पता था और इजरायल इस बहुत जरूरी और कीमती साउथ पार्स फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा. ट्रंप को दिख रहा है कि यह जंग लंबी खिंचती जा रही है, यह महंगी साबित हो रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पेंटागन कथित तौर पर जंग की फंडिग के लिए अमेरिकी संसद से 200 बिलियन डॉलर से अधिक की मांग कर रहा है.
इजरायल को धमकी क्यों देनी पड़ी?
इजरायल ने ईरान के जिस पार्स गैस फील्ड पर भीषण हमला किया है, वह दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है. वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर की मेन गैस फैसिलिटी पर बड़ा हमला किया है. ईरान के इस हमले में कतर को भारी नुकसान हुआ है. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी सामने आई. एक तरफ उन्होंने इजरायल को साफ-साफ कहा कि वह बिना अमेरिका के अनुमति के पार्स गैस फील्ड पर हमला नहीं करे तो दूसरी तरफ उन्होंने ईरान को भी चेतावनी दी.
ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बिना इजरायल की मदद या सहमति के ही ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत से उड़ा सकता है, जितनी उसने पहले कभी नहीं देखी होगी.
ट्रंप ने कहा है कि इजरायल साउथ पार्स फील्ड पर और हमला नहीं करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "बदकिस्मती से ईरान को यह या साउथ पार्स हमले से जुड़ी कोई भी जरूरी बात नहीं पता थी और उसने गलत तरीके से कतर की एलएनजी गैस फैसिलिटी के एक हिस्से पर हमला कर दिया. इजरायल इस बहुत जरूरी और कीमती साउथ पार्स फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा."
वहीं कतर पर ईरान के हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधा कहा है कि अगर ईरान कतर पर हमला करता है तो अमेरिका उसकी रक्षा के लिए ईरान को जवाब देगा. उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "अमेरिका, इजरायल की मदद या सहमति के बिना, पूरे साउथ पार्स गैस क्षेत्र को इतनी ताकत से उड़ा देगा जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा. मैं इस स्तर की हिंसा और तबाही की इजाजत नहीं देना चाहता, क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर लंबे समय तक असर पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के एलएनजी पर फिर से हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में हिचकिचाऊंगा नहीं."
अमेरिका का लोन बढ़ रहा
अमेरिकी जनता में ईरान के खिलाफ इस अभियान के लिए समर्थन कम है, और डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी वादों में कहा था कि वह अमेरिका को मध्य पूर्व के नए युद्धों में नहीं फंसाएंगे. वैसे भी अमेरिका का राष्ट्रीय ऋण (नेशनल लोन) बुधवार को रिकॉर्ड 39 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गया, जो एक मील का पत्थर है.













