- अमेरिका में ईरान के साथ तनाव के कारण बम शेल्टर्स की मांग में भारी वृद्धि हुई है
- एटलस सर्वाइवल शेल्टर्स नाम की कंपनी परमाणु रेडिएशन से बचाने वाले बंकर बनाती है
- बंकरों में रेडिएशन से सुरक्षा, डिकंटैमिनेशन चैंबर, बिजली और वेंटिलेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं
US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जो जंग की चिंगारी भड़काई थी, उसकी आग अब अमेरिकी लोगों के जेहन में उतरने लगी है. अमेरिका के लोगों के मन में डर बैठने लगा है कि कहीं यह जंग मिडिल ईस्ट के बाहर पांव पसारते हुए उनके दर तक न पहुंच जाए. अमेरिका के लोग तो न्यूक्लियर वॉर छिड़ने को लेकर डरे हुए हैं. परमाणु हमले, हवाई हमले या सर्वनाश की स्थिति में शरण लेने के लिए जिन बम शेल्टर या बंकरों का इस्तेमाल होता है, लोग उन्हें बनाने वाली कंपनी को कॉल मिला रहे हैं. केवल अमेरिकी ग्राहक ही नहीं, विदेशी भी बंकरों को खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं.
अमेरिका में क्या हो रहा?
मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू हुए लगभग दो हफ्ते हो चुके हैं. इसके बाद से अमेरिका के टेक्सास राज्य में रॉन हबर्ड की बम शेल्टर बनाने वाली कंपनी का फोन लगातार बज रहा है. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले करने और तेहरान द्वारा पूरे क्षेत्र में जवाबी हमले करने के बाद हबर्ड के बंकरों की मांग बहुत बढ़ गई है. ज्यादातर ग्राहक खाड़ी देशों बहरीन, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात से हैं. लेकिन अमेरिकी भी कम नहीं हैं.
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार 63 साल हबर्ड ने अपनी कंपनी एटलस सर्वाइवल शेल्टर्स के दफ्तर में कहा, “आप समझ सकते हैं कि कितने लोग सोच रहे हैं कि काश मेरे पास भी बम शेल्टर होता. अभी इस प्रोडक्ट की मांग और इसकी अहमियत अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है. मैंने तो ऐसा पहले कभी नहीं देखा.”
एटलस सर्वाइवल शेल्टर्स कंपनी के मालिक रॉन हबर्ड
यह कैसे काम करता है?
एक साधारण बैकयार्ड बंकर में चार लोग जमीन के नीचे लगभग एक हफ्ते तक रह सकते हैं. यह बंकर उन्हें बम धमाकों और किसी भी रेडिएशन से बचाता है. इसकी कीमत लगभग 25,000 डॉलर होती है. भारतीय करेंसी में यह रकम 23 लाख रुपए से भी अधिक होती है. इससे ज्यादा एडवांस मॉडल जो आता है, उसमें लोग कई साल तक रह सकते हैं. लेकिन फिर उनकी कीमत लाखों डॉलर तक हो सकती है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें कितना खाना, ऊर्जा और पानी जमा किया गया है.
हबर्ड ने कहा, “यह इस बात पर निर्भर करता है कि लोग दुनिया के अंत या आर्मागेडन के लिए तैयारी कर रहे हैं, या सिर्फ मिसाइल हमलों की स्थिति के लिए, जैसा कि ज्यादातर इजरायल में देखा गया है.”
बंकर बनते भी दो तरह से हैं. पहला तो बंकर सीधे उसी जगह कंक्रीट से बनाए जा सकते हैं, जहां इन्हें सेट किया जाना है. और दूसरा कि ये टेक्सास के ग्रामीण इलाके सल्फर स्प्रिंग्स में फैक्ट्री में धातु से तैयार किए जाते हैं और बाद में ग्राहकों तक पहुंचाए जाते हैं. हबर्ड ने बताया कि परमाणु हमले से बचाने वाले शेल्टर को जमीन के नीचे सिर्फ तीन फीट गहरा होना जरूरी है, क्योंकि ऊपर की मिट्टी और कंक्रीट लोगों को गामा विकिरण से बचाते हैं. हालांकि वे आमतौर पर इन्हें छह से दस फीट नीचे बनाने की कोशिश करते हैं ताकि तोपों के हमले से भी सुरक्षा मिल सके.
एटलस सर्वाइवल शेल्टर्स की फैक्ट्री में रॉन हबर्ड
यह बंकर बिजली के स्रोत से जुड़ी होती है और पानी को जमा करने और फिल्टर करने की व्यवस्था भी होती है. अगर बिजली चली जाए, तो बंकर का वेंटिलेशन सिस्टम हाथ से घुमाने वाले क्रैंक से चलाया जा सकता है.
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बंकर की रिकॉर्ड बिक्री
हबर्ड की फैक्ट्री के आंगन में लगभग 20 बंकर रखे हैं, जो स्टील के शिपिंग कंटेनर जैसे दिखते हैं और देशभर में ग्राहकों को भेजने के लिए तैयार थे. इसके अलावा 40 और ऑर्डर तैयार किए जा रहे थे. हबर्ड ने कहा, “मुझे लगता है कि अगले दो महीनों में मेरी बिक्री पिछले तीन सालों की कुल बिक्री से भी ज्यादा हो जाएगी.”
एटलस अपनी तकनीक विदेशी कंपनियों को लाइसेंस भी देता है और संयुक्त राज्य अमेरिका से विशेषज्ञों की टीम भेजता है जो निर्माण कार्य की निगरानी करती है. भले हबर्ड अपने ग्राहकों की लिस्ट गुप्त रखते हैं, लेकिन कुछ प्रसिद्ध खरीदारों ने सार्वजनिक रूप से बताया है कि उन्होंने उनके बंकर खरीदे हैं. इनमें विवादित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एंड्रयू टेट और दुनिया के सबसे बड़े यूट्यूबर मिस्टरबीस्ट शामिल हैं.
हबर्ड ने कहा, “जो लोग पहले कहते थे कि ‘पागल अमेरिकी बम शेल्टर बना रहे हैं', अब वे ऐसा नहीं कहते. क्योंकि वे देख रहे हैं कि दुबई जैसे देश पर भी हर दिन लगातार बमबारी हो रही है.” उन्होंने यह भी कहा, “खासकर जब दुनिया का भविष्य बहुत खराब दिख रहा है.”













