"बच्चे जंग शुरू नहीं करते, और वे उन्हें समाप्त भी नहीं कर सकते, लेकिन वे हमेशा सबसे अधिक कीमत चुकाते हैं."
यूनिसेफ प्रमुख कैथरीन रसेल की यह बात दुनिया में आजतक हुई हर जंग के बारे में सटीक बैठती. जो बच्चे दुनिया को समझने की उम्र में होते हैं, वे अपने आस-पास उस दुनिया को हर रोज जलते देखते हैं. यही कहानी गाजा के बच्चों की थी, आज यही कहानी ईरान के बच्चों की है. ईरान में पिछले एक महीने से अधिक वक्त से जारी जंग के बीच एक ऐसा वीडियो आया है जो आपके अंदर भवनाओं का ऐसा समंदर लाता है कि समझ नहीं आता इसे किस नजरिए से देखें. यह हिंसा के बीच उम्मीद का नजारा है या जंग की लपटों में भी बेफिक्री रखने वाली एक बच्ची की मनोदशा.
होर्मुज के पास ख्वाजा अत्ता समुद्र तट (बीच) है जहां कई झूले लगे है. झूलों के अलग-अलग नाम हैं- बंदर अब्बास, खजेता, और होर्मोजगन. वीडियो में दिख रहा है कि एक छोटी ईरानी लड़की जंग के बीच होर्मोजगन झूले पर झूल रही है जबकि पीछे धुआं उठता दिख रहा है. एक ही वीडियो में दुनिया की सबसे खराब चीज- जंग और प्रकृति की सबसे खूबसूरत चीज- मासूम बच्चा नजर आ रहा है.
मार्च के आखिर में दिल को झकझोरने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. यह वीडियो ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास का है. यह शहर होर्मोजगन प्रांत की राजधानी है. यह वीडियो बचपन की शांतिपूर्ण मासूमियत और जंग के बीच "भयावह विरोधाभास" को दिखाता है.
ख्वाजा अत्ता बीच स्विंग ईरान का मशहूर झूला है, जो समुद्र के बिल्कुल किनारे लगाया गया है. यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, साफ पानी और शांत माहौल के लिए जानी जाती है. लेकिन आज नजारा ऐसा नहीं है. आज ईरान जंग में उलझा हुआ है और यहां भी हिंसा ने विकराल रूप लिया है. कभी लोग यहां झूले पर बैठकर समुद्र और सूरज ढलने का सुंदर नज़ारा देखते आते थे और तस्वीरें भी खींचते थे. अब लोग ना के बराबर हैं. इस मासूम बच्ची का यह वीडियो उस सूनेपन को चीरता है.
युद्ध अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है. प्रेस टीवी ने ईरानी स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि जंग की वजह से देश भर में 2,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: क्या ईरान में अमेरिका और ट्रंप 'युद्ध अपराध' कर रहे हैं?














