ईरान से 'कीमती गिफ्ट' पाकर खुश हुए ट्रंप, अमेरिका 3000 'धुरंधर' सैनिकों को उतारने की कर रहा तैयारी

US Israel War against Iran: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम तेहरान के ऊपर पूरी तरह स्वतंत्र रूप से उड़ रहे हैं, अमेरिकी बल जो चाहें कर सकते हैं.”

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
US Israel War Against Iran: डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान से बातचीत पर जोर दे रहे हैं
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान ने उन्हें एक कीमती तोहफा भेजा है
  • ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और इसी कारण अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोकी है
  • ट्रंप के अनुसार ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है और अमेरिकी बल पूरी स्वतंत्रता से कार्रवाई कर सकते हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान ने एक गिफ्ट भेजा है. ऐसा दावा खुद ट्रंप कर रहे हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ईरान को एक शांति योजना भेजी गई है और मंगलवार को लगभग एक महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने को लेकर उन्होंने आशा जताई है. ट्रंप के हाल के दिनों में बयान कभी ईरान पर बड़े हमलों की धमकी देने से लेकर जंग को लगभग खत्म घोषित करने तक झूलते रहे हैं. अब उन्होंने कहा है कि अमेरिका “अभी ईरान के साथ बातचीत कर रहा है”- हालांकि ईरान ने किसी औपचारिक वार्ता की पुष्टि नहीं की है.

ट्रंप ने मंगलवार, 24 मार्च को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “उन्होंने (ईरान) कल कुछ ऐसा किया जो वास्तव में अद्भुत था. उन्होंने हमें एक तोहफा दिया और वह तोहफा आज पहुंच गया. और वह बहुत बड़ा तोहफा था, जिसकी कीमत बहुत ज्यादा थी... मेरे लिए इसका मतलब एक ही था- हम सही लोगों से बात कर रहे हैं.”

उन्होंने ज्यादा डिटेल्स नहीं दिया, लेकिन कहा कि यह होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा हुआ है. बता दें कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में इस जलडमरूमध्य को काफी हद तक बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं. ट्रंप के दावे के थोड़ी ही देर बाद, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के जरिए प्रसारित एक संदेश में ईरान ने आश्वासन दिया कि होर्मुज से गुजरने वाले “गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों” को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. यह मार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल के लिए रास्ता है.

ईरान पहले ही हाल के दिनों में कह चुका था कि वह मित्र देशों को निशाना नहीं बना रहा है, हालांकि कई जहाज दूर रहने लगे हैं क्योंकि बीमा कंपनियां जोखिम लेने से इनकार कर रही हैं.

ईरान के पास कोई सैन्य ताकत नहीं बची- ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक बातचीत जारी है, तब तक अमेरिका ने आगे की सैन्य कार्रवाई रोक रखी है. ईरान के सभी बड़े बिजली संयंत्रों पर एक-एक कर हमले करने को लेकर दिए अल्टीमेटम का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमने इस तथ्य के आधार पर हमला रोक दिया कि हम बातचीत कर रहे हैं.” उन्होंने बार-बार तर्क दिया कि ईरान कमजोर स्थिति से बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा, “उनके पास अब कोई नौसेना नहीं बची है, उनके पास कोई वायु सेना नहीं बची है,” और जोड़ा कि उनकी सैन्य क्षमता का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया गया है.

Advertisement
उन्होंने कहा, “हम तेहरान के ऊपर पूरी तरह स्वतंत्र रूप से उड़ रहे हैं,” और जोड़ा कि अमेरिकी बल “जो चाहें कर सकते हैं.”

बातचीत के बावजूद सैनिक भेज रहा अमेरिका

ट्रंप द्वारा कूटनीति की उम्मीद जताने के बावजूद, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट दी कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने प्रतिष्ठित 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 3,000 सैनिक भेजने की योजना बना रहा है. बातचीत के बावजूद अमेरिका की ओर से बड़े हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. याद रहे कि अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को बड़े हमले शुरू करने से सिर्फ दो दिन पहले ट्रंप के दूत ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत कर रहे थे. इस हमले के पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की हत्या हो गई थी.

यह भी पढ़ें: पीट हेगसेथ, जिसने ट्रंप से कहा- Let's do it और शुरू हो गई ईरान जंग; दागों से भरा है दामन, जानें कुंडली

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran-Israel War | किसके जाल में कौन फंस गया? अब ईरान के हाथ युद्ध की डोर? | Trump | Breaking
Topics mentioned in this article