- होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान के बीच स्थित एक जलमार्ग और विश्व तेल व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा है
- ईरान ने रविवार और सोमवार को इस जलडमरूमध्य में वास्तविक गोलीबारी का नौसैनिक अभ्यास करने की योजना बनाई है
- होर्मुज जलडमरूमध्य से अधिकांश तेल और गैस एशियाई बाजारों में जाती है और इसका कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है
फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के संकरे मुहाने को होर्मुज जलडमरूमध्य (The Strait of Hormuz)कहा जाता है. इससे दुनिया भर में तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है. यह संकरा गलियारा इस्लामिक गणराज्य और ओमान के बीच स्थित है. ये एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है क्योंकि ईरान एक सैन्य अभ्यास शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इससे ग्लोबल शिपिंग के लिए महत्वपूर्ण मार्ग में गोलीबारी देखने के मिल सकती है. ईरान ने जहाजों को चेतावनी दी है कि वह रविवार और सोमवार को जलडमरूमध्य में वास्तविक गोलीबारी का अभ्यास करेगा.
होर्मुज जलडमरूमध्य का ट्रैफिक देखिए
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने शनिवार तड़के तेहरान को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अमेरिकी बलों, क्षेत्रीय साझेदारों या वाणिज्यिक जहाजों के पास किसी भी प्रकार का असुरक्षित और गैर-पेशेवर व्यवहार टकराव, तनाव बढ़ने और अस्थिरता के जोखिम को बढ़ा देगा. अमेरिकी चेतावनी के बीच ईरान का सैन्य अभ्यास तनाव को और बढ़ा सकता है. ऐसे में कुछ बातें जो जान लेनी बहुत जरूरी हैं.
- अंतरिक्ष से देखने पर होर्मुज जलडमरूमध्य एक घुमावदार रेखा जैसा दिखता है. इसका सबसे संकरा बिंदु मात्र 33 किलोमीटर (21 मील) चौड़ा है. यह फारस की खाड़ी से निकलकर ओमान की खाड़ी में गिरता है. यहां से जहाज दुनिया के बाकी हिस्सों की यात्रा कर सकते हैं. हालांकि ईरान और ओमान का क्षेत्रीय जलक्षेत्र इस जलडमरूमध्य में है, फिर भी इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, जहां सभी जहाज चल सकते हैं. गगनचुंबी इमारतों से भरे शहर दुबई का घर, संयुक्त अरब अमीरात भी इसी जलमार्ग के पास स्थित है.
- होर्मुज जलडमरूमध्य का इतिहास व्यापार के लिए महत्वपूर्ण रहा है. यहां से पहले चीन से मिट्टी के बर्तन, हाथी दांत, रेशम और वस्त्रों का व्यापार होता रहा है. आधुनिक युग में, जब सुपरटैंकर चल रहे हैं, तब यह संकरा जलडमरूमध्य तेल के परिवहन के लिए पर्याप्त गहरा और चौड़ा साबित हुआ है. हालांकि, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने पाइपलाइनें भी यहां बिछाई हुईं हैं. हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन का कहना है कि "जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अधिकांश तेल और गैस के पास क्षेत्र से बाहर निकलने का कोई वैकल्पिक साधन नहीं है." जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले अधिकांश तेल और गैस एशिया के बाजारों में जाते हैं. इस मार्ग पर खतरों के कारण अतीत में वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसमें जून में ईरान के खिलाफ इजरायल द्वारा छेड़ा गया 12 दिवसीय युद्ध भी शामिल है.
- गुरुवार को रेडियो के माध्यम से नाविकों को भेजे गए एक नोटिस में चेतावनी दी गई कि ईरान रविवार और सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में "नौसैनिक अभ्यास" करने की योजना बना रहा है. संदेश में दिए गए निर्देशों के अनुसार, यह अभ्यास संभवतः उस क्षेत्र में होगा, जिसे ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम के नाम से जाना जाता है - एक 3.2 किलोमीटर (2 मील) चौड़ी, दो-लेन वाला सिस्टम जिसमें फारस की खाड़ी में आने वाले जहाज उत्तर की ओर और ओमान की खाड़ी में जाने वाले जहाज दक्षिण की ओर जाते हैं. उत्तरी लेन सैन्य अभ्यास के भीतर है. हालांकि ईरान ने अभ्यास के बारे में कोई अन्य सार्वजनिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन इसमें संभवतः देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की भागीदारी होगी. रिवोल्यूशनरी गार्ड जलडमरूमध्य में छोटे मगर तेज हमलावर जहाजों का एक बेड़ा संचालित करता है जिसका अमेरिकी नौसेना के साथ अक्सर तनावपूर्ण टकराव होता रहता है.
- शनिवार की सुबह, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने सैन्य अभ्यास को लेकर ईरान और रिवोल्यूशनरी गार्ड को कड़ी चेतावनी जारी की. ईरान के "अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र और जलक्षेत्र में पेशेवर रूप से संचालन करने के अधिकार" को स्वीकार करते हुए, कमान ने अमेरिकी युद्धपोतों या गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों में हस्तक्षेप करने या उन्हें धमकाने के खिलाफ चेतावनी दी. यह कमांड बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े की देखरेख करती है. कमांड ने कहा कि वह "रिवोल्यूशनरी गार्ड की असुरक्षित कार्रवाइयों को बर्दाश्त नहीं करेगी, जिसमें उनके विमानों या जहाजों का अमेरिकी युद्धपोतों के बहुत करीब आना या उनकी ओर हथियार तानना शामिल हो सकता है. कमांड ने यह भी कहा कि "अमेरिकी सेना के पास दुनिया की सबसे उच्च प्रशिक्षित और घातक सेना है."
- देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर ईरान की हिंसक कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले की धमकी दी है. उन्होंने दो लक्ष्मण रेखाएं खींची हैं - शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और ईरान द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों का सामूहिक रूप से फांसी देना. हाल के दिनों में उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को भी इसमें शामिल किया है. यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत इस समय अरब सागर में तैनात हैं, जहां से ट्रंप के आदेश पर वे हमला कर सकते हैं. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपना जवाबी हमला कर सकता है या मध्य पूर्व और इजरायल में अमेरिकी हितों को निशाना बना सकता है. पिछले 12 दिनों के युद्ध में ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं थीं और इजरायल ने उसके मिसाइल भंडार को निशाना बनाया था, लेकिन तेहरान के पास छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों का जखीरा है, जो आसपास के खाड़ी अरब देशों को भी निशाना बना सकती हैं.













