Ukraine War: Russia के हमलों से जलता यूक्रेन ताज़ा Satellite तस्वीरों में दिखा

यूक्रेन (Ukraine) में रूस (Russia) की भारी बमबारी से करीब 2,200 यूक्रेन निवासी मारे गए हैं और यूक्रेन में 400,000 निवासी बिना नलों में पानी, घरों में हीटिंग के रह रहे हैं और खाने-पीने के सामान की भी कमी हो गई है. - अधिकारी

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Ukraine के मारियुपोल के रिहायशी इलाके में रूसी बमबारी से लगी आग

एक तरफ जहां रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) तनाव कम करने पर बात कर रहे हैं वहीं अमेरिका (US) की एक प्राइवेट कंपनी MAXAR  की तरफ से जारी ताजा सैटेलाइट तस्वीरें (New Satellite Pictures) यूक्रेन में रूस के ताजा सैन्य हमलों का भयावह मंजर दिखाती हैं. यह किसी यूरोपीय देश में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला है.  

बंदरगाह शहर मारियुपोल में रूसी हमले से तबाह हुई बहुमंजिला रिहायशी बिल्डिंग और शॉपिंग मॉल (high res: here)

सैटेलाइट तस्वीरों में मैक्ज़र टेकनॉलजीज़ ने दिखाया है कि दक्षिणी यूक्रेन के शहर मारियुोल में और भी नुकसान हुआ है. पूरे शहर में आग लगी हुई है और कई बहुमंजिला इमारतें रूसी बमबारी में बुरी तरह बर्बाद हो गईं हैं.   

जोवेटेनयेवी (Zhovteneyvi) जिले में बर्बाद हुए अस्पताल और रिहायशी इमारतें  (high res: here)

ताजा सैटलाइट तस्वीरों में राजधानी कीव के उत्तर-पश्चिमी कस्बे मौशचुन (Moschun) में भी कई घर और इमारतें जलती हुईं नज़र आ रही हैं.

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इतना ही नहीं रूस के द्वारा लगभग बंधक बनाए गए दक्षिणपूर्वी मारियुपोल शहर में अधिारियों ने बताया कि बाहर खड़ी हुईं नागरिकों की 160 गाड़ियां भी जल गई हैं. ये गाड़ियां बचाव के लिए बनाए गए मानवीय गलियारे से लगती हुई खड़ी थीं.  

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प्रिमोर्स्की जिले (Primorskyi District) के पास पश्चिमी मारियुपोल में रूसी बमबारी का शिकार बनी इमारत का दृष्य  (high res: here)

कई विफल प्रयासों के बाद सफलता से लोगों को निकाला जा सका. रूसी सेना ने अजोव सागर ( Azov Sea) के किनारे बसे बंदरगाह शहर को चारों ओर से घेर रखा था.  

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राजधानी कीव के पास मौसचुन (Moschun) में नष्ट हुईं इमारतें और जलती हुई आग  (high res: here)

अधिकारियों का कहना है कि  यूक्रेन में रूस की भारी बमबारी से करीब 2,200 यूक्रेन निवासी मारे गए हैं और यूक्रेन में चार लाख निवासी बिना नलों में पानी, हीटिंग के रह रहे हैं और खाने-पीने के सामान की भी कमी हो गई है. संयुक्त राष्ट्र की रिफ्यूज़ी एजेंसी का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद 2.8 मिलियन से अधिक लोग यूक्रेन से पलायन कर चुके हैं. यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट है. UNICEF का कहना है कि सुरक्षा और बचाव की खोज में 10 लाख बच्चे यूक्रेन से पलायन कर गए हैं.   

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