- रूस ने यूक्रेन के प्रमुख ब्लैक सी पोर्ट ओडेसा पर ड्रोन हमले में तीन लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं
- ओडेसा के रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवनों को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाया गया है
- यूक्रेन ने भी रूस के तेल पाइपलाइन पर हमला कर भारी नुकसान पहुंचाया था.
दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हैं. इस बीच यूक्रेन और रूस की जंग से सबका ध्यान हट गया है. लेकिन अब अमेरिका पूरी तरह ईरान में व्यस्त नजर आ रहा है. वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन में रूस का कहर बरप रहा है. जंग के पांचवें साल में प्रवेश करते ही ओडेसा के पोर्ट पर हुई ताजा रूसी स्ट्राइक ने जेलेंस्की की चिंताएं बढ़ा दी हैं. सोमवार तड़के हुए इस ड्रोन हमले ने रिहाइशी इमारतों को खंडहर बना दिया. इस हमले में एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की जान भी चली गई. हालांकि, जेलेंस्की की सेना भी अब हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है. जवाब में यूक्रेन ने रूस के तेल पाइपलाइन पर हमला कर दिया है.
ओडेसा बंदरगाह पर भारी हमले
रूस ने यूक्रेन के सबसे बड़े और अहम 'ब्लैक सी पोर्ट' ओडेसा पर ड्रोन से भारी हमला किया. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह कीपर ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है. इसमें एक बच्चा भी शामिल है. वहीं, 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
यूक्रेन ने भी रूस की तेल पाइपलाइन को बनाया निशाना
बीते दिन यूक्रेन ने रूस के बाल्टिक बंदरगाह 'प्रिमोर्स्क' के पास एक प्रमुख तेल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाया था. फिनलैंड की सीमा के करीब स्थित यह इलाका रूस के तेल निर्यात का अहम केंद्र है.
यूक्रेन के ड्रोन फोर्स कमांडर रॉबर्ट ब्रोवडी ने पुष्टि की कि उनके 'मानवरहित सिस्टम' ने ट्रांसनेफ्ट के प्रिमोर्स्क पोर्ट और लुकोइल रिफाइनरी को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है.
शुरुआत में रूस ने इस हमले से हुए नुकसान को छिपाने की कोशिश की. लेनिनग्राद के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोजडेंको ने पहले माना कि पाइपलाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है और तेल लीक हो रहा है. हालांकि, दो घंटे बाद उन्होंने बयान बदलते हुए कहा कि पाइपलाइन सुरक्षित है और केवल एक ईंधन टैंक से रिसाव हुआ था. इसे संभाल लिया गया है.
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